Murder केस: युवक की हत्या के 3 दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेमरिया में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एक युवक की हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले ने इलाके में…

जांजगीर-चांपा में युवक की हत्या: कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेमरिया में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एक युवक की हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले ने इलाके में चर्चा का विषय छेड़ दिया है।

क्या था पूरा मामला और कैसे दिया वारदात को अंजाम

अतिरिक्त लोक अभियोजक के.एन. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 10 मई 2025 की है। प्रार्थी गोविंद नारायण कश्यप ने बिर्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके छोटे भाई देवी प्रसाद कश्यप पर ग्राम सेमरिया के परी तालाब के पास जानलेवा हमला किया गया है। पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।

  • आरोपियों के नाम: रामेश्वर कश्यप, संजीव कश्यप और दुजराम कश्यप।
  • वारदात का तरीका: आरोपियों ने देवी प्रसाद का रास्ता रोका, उनके साथ गाली-गलौज की और फिर लोहे की रॉड व डंडों से बेरहमी से पिटाई की।
  • गंभीर चोट: हमले में देवी प्रसाद बुरी तरह घायल हो गए थे, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

21 गवाहों और सबूतों के आधार पर सजा

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण दर्ज किया और जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान और ठोस सबूत पेश किए। साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार दिया।

दोषी का नाम सजा का विवरण
रामेश्वर कश्यप (21) आजीवन कारावास + 5 हजार जुर्माना
संजीव कश्यप (22) आजीवन कारावास + 5 हजार जुर्माना
दुजराम कश्यप (40) आजीवन कारावास + 5 हजार जुर्माना

जुर्माना न भरने पर बढ़ेगी सजा

न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड जमा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त छह-छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/3(5) के तहत सुनाया गया है। इस हत्याकांड में एक नाबालिग भी शामिल था, जिसके मामले की सुनवाई अलग से चल रही है।


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