रायसेन में 18 दिन बाद मानसून की वापसी, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में पिछले 18 दिनों से जारी भीषण उमस और गर्मी के दौर पर शनिवार को विराम लग गया। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने दोबारा दस्तक दी, जिससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है। दोपहर और रात के समय हुई बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट दर्ज कराई, बल्कि लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगा दी है।
मौसम विभाग का अलर्ट: अगले तीन दिनों तक भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक सक्रिय मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसके चलते रायसेन सहित आसपास के क्षेत्रों में 20 जुलाई से अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। इस बदलाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और ठंडी हवाओं ने लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात दिलाई है।
धान की फसल के लिए ‘संजीवनी’ बनी बारिश
बीते 18 दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में धान की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। खेतों में दरारें पड़ गई थीं और फसलें मुरझाने की कगार पर थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को विशेष सलाह दी है:
- खेतों में पर्याप्त नमी सुनिश्चित होने के बाद ही धान की रोपाई करें।
- अच्छी बारिश के बाद ही बुवाई का कार्य आगे बढ़ाएं ताकि फसल को नुकसान न हो।
- मिट्टी की नमी को देखते हुए ही खाद और उर्वरकों का उपयोग करें।
जिले में बुवाई की वर्तमान स्थिति
रायसेन जिले में खेती की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो आंकड़े स्पष्ट हैं कि बारिश की कमी ने काम की गति को धीमा कर दिया है:
| विवरण | प्रतिशत/स्थिति |
|---|---|
| अब तक हुई धान की बुवाई | 60 प्रतिशत |
| शेष बुवाई का कारण | पर्याप्त बारिश का अभाव |
| किसानों की उम्मीद | आने वाले तीन दिन की भारी बारिश |
किसानों का मानना है कि यदि आने वाले 72 घंटों में मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है, तो यह खरीफ फसलों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा। प्रशासन और कृषि विभाग भी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
