Promotion: शाजापुर में हेड कॉन्स्टेबल की वरिष्ठता पर विवाद, DIG से गुहार


शाजापुर पुलिस विभाग में हाल ही में 175 कार्यवाहक प्रधान आरक्षकों को नियमित प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया प्रशासनिक विवादों में घिर गई है। पदोन्नति आदेशों में तारीखों के अंतर के कारण वरिष्ठता क्रम में विसंगति पैदा हो गई है, जिससे नाराज पुलिसकर्मियों ने उज्जैन रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के…

शाजापुर पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर वरिष्ठता विवाद: डीआईजी से समाधान की मांग

शाजापुर पुलिस विभाग में हाल ही में 175 कार्यवाहक प्रधान आरक्षकों को नियमित प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत करने की प्रक्रिया प्रशासनिक विवादों में घिर गई है। पदोन्नति आदेशों में तारीखों के अंतर के कारण वरिष्ठता क्रम में विसंगति पैदा हो गई है, जिससे नाराज पुलिसकर्मियों ने उज्जैन रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के समक्ष आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। प्रभावित कर्मचारियों का तर्क है कि एक दिन के अंतर से उनकी वरिष्ठता प्रभावित हुई है, जो भविष्य में उनके करियर की संभावनाओं को सीमित कर सकती है।

विवाद का मुख्य कारण: तारीखों का असंतुलन

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शाजापुर जिले में पदोन्नति के आदेश 12 जुलाई 2026 को जारी किए गए थे, जबकि पड़ोसी जिलों उज्जैन और देवास में यही प्रक्रिया एक दिन पहले यानी 11 जुलाई 2026 को ही पूरी कर ली गई थी। इस एक दिन के तकनीकी अंतर ने रेंज स्तरीय वरिष्ठता सूची में बड़ा बदलाव कर दिया है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि इसके परिणामस्वरूप:

  • लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी पुलिसकर्मी, उज्जैन और देवास के कम सेवा अवधि वाले कर्मचारियों से वरिष्ठता सूची में पीछे हो गए हैं।
  • यह विसंगति आगामी समय में सहायक उप निरीक्षक (ASI) पद पर होने वाली पदोन्नति के लिए भी बाधा बन सकती है।
  • जिले में अब तक करीब 5 से 6 औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, जिनमें सुधार की मांग की गई है।

प्रशासनिक पक्ष और समाधान की उम्मीद

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उज्जैन जोन के डीआईजी नवनीत भसीन ने स्पष्ट किया है कि शासन और मुख्यमंत्री की मंशा पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें समय पर अवसर प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा किया गया है ताकि किसी का भी अहित न हो।

डीआईजी ने आश्वासन दिया है कि वरिष्ठता क्रम में विसंगति संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि पदोन्नति के आदेशों में तकनीकी त्रुटि हुई है, तो नियमानुसार सुधार किया जाएगा। प्रभावित पुलिसकर्मियों की मुख्य मांग है कि शाजापुर के प्रधान आरक्षकों की वरिष्ठता को भी उज्जैन और देवास की तरह 11 जुलाई 2026 से ही प्रभावी माना जाए, ताकि सेवा के वर्षों का उचित सम्मान बरकरार रह सके।


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