भिंड में साइबर ठगों का बड़ा खेल: मर्चेंट नेवी कर्मी के नाम पर मामा से ठगे डेढ़ लाख रुपये
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने लाया है। फूप थाना क्षेत्र में रहने वाले एक किसान को अपना शिकार बनाते हुए साइबर ठगों ने उनके भांजे का फेसबुक अकाउंट हैक कर 1.5 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
वीजा सस्पेंड होने का झांसा देकर फंसाया जाल में
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फूप थाना क्षेत्र के गौहरागांव निवासी 37 वर्षीय रामनिवास शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका भांजा मर्चेंट नेवी में कार्यरत है। बीते 1 और 2 जुलाई को उनके फेसबुक मैसेंजर पर भांजे की आईडी से संदेश आए। ठगों ने बेहद शातिराना अंदाज में लिखा कि उसका वीजा सस्पेंड हो गया है और अधिकारियों ने उसके मोबाइल व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं, जिस कारण वह फोन पर बात करने में असमर्थ है।
ठगी का विवरण इस प्रकार है:
- पीड़ित: रामनिवास शर्मा (किसान, निवासी गौहरागांव)
- ठगी की राशि: 1,50,000 रुपये
- ठगी का जरिया: फेसबुक मैसेंजर पर हैक अकाउंट
- आरोप: वीजा सस्पेंड होने का बहाना बनाना
भरोसे का फायदा उठाकर की धोखाधड़ी
मैसेज में वीजा बहाल कराने के नाम पर तत्काल आर्थिक मदद की मांग की गई। भांजे की परेशानी को सच मानकर रामनिवास शर्मा ने बिना किसी देरी के बताए गए बैंक खाते में डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रुपये भेजने के बाद जब उन्होंने तसल्ली के लिए भांजे और उसके परिवार से संपर्क किया, तो सच्चाई सामने आई। उन्हें पता चला कि भांजे का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो चुका है और उसने ऐसी कोई भी मदद नहीं मांगी थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
धोखाधड़ी का एहसास होते ही पीड़ित ने फूप थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस टीम निम्नलिखित साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है:
जांच के मुख्य बिंदु:
- बैंक खातों का विवरण खंगाला जा रहा है जहां राशि ट्रांसफर हुई।
- फेसबुक मैसेंजर की चैट का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
- आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के आर्थिक लेनदेन के संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें और पुष्टि होने के बाद ही कोई कदम उठाएं। फिलहाल, पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश में जुटी है।
