PM आवास योजना: अतिक्रमणकारियों ने मुफ्त घर की मांग की, कोर्ट में सुनवाई

बालाघाट में आकाशवाणी केंद्र के समीप पिछले 5 दशक से अधिक समय से निवास कर रहे परिवारों पर बेघर होने का संकट गहरा गया है। तहसील भवन के निर्माण कार्य के चलते प्रशासन द्वारा की जा रही हटाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोग हाई कोर्ट तक पहुंच गए हैं। हाल ही में हुई…

बालाघाट: आकाशवाणी के पास रहने वाले परिवारों का पीएम आवास लेने से इनकार, प्रशासन के सामने रखी बड़ी शर्त

बालाघाट में आकाशवाणी केंद्र के समीप पिछले 5 दशक से अधिक समय से निवास कर रहे परिवारों पर बेघर होने का संकट गहरा गया है। तहसील भवन के निर्माण कार्य के चलते प्रशासन द्वारा की जा रही हटाने की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोग हाई कोर्ट तक पहुंच गए हैं। हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान इन परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिलने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वे आवास योजना की किस्तें या लोन का बोझ नहीं उठा सकते।

पीएम आवास योजना क्यों नहीं अपनाना चाहते लोग?

सुनवाई के दौरान प्रभावित लोगों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि वे बेहद गरीब तबके से आते हैं। प्रशासन द्वारा सुझाए गए पीएम आवास के विकल्प को लेकर उन्होंने अपनी असमर्थता जताई है। निवासियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • नि:शुल्क आवास: प्रशासन या तो उन्हें पूरी तरह से मुफ्त में घर उपलब्ध कराए।
  • जमीन का आवंटन: उन्हें कोई सुरक्षित सरकारी जमीन दी जाए, ताकि वे अपने पुराने घरों का मलबा इस्तेमाल कर नया आशियाना बना सकें।
  • लोन से मुक्ति: दैनिक मजदूरी करने वाले इन परिवारों के लिए पीएम आवास की किस्तों का भुगतान करना असंभव है।

प्रशासन और प्रभावितों के बीच गतिरोध

हाई कोर्ट ने 10 जुलाई को अपने आदेश में बालाघाट तहसीलदार को 30 दिनों के भीतर प्रभावित परिवारों की सुनवाई कर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में 13 और 17 जुलाई को सुनवाई की गई। प्रभावितों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जबकि प्रशासन का दावा है कि वे नियमों के दायरे में रहकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

विवरण स्थिति
अंतिम फैसला लेने की समय सीमा 10 अगस्त
मुख्य विवाद का कारण नया तहसील भवन निर्माण
प्रभावितों का पक्ष मुफ्त जमीन या घर की मांग

तहसीलदार का क्या है कहना?

बालाघाट तहसीलदार छबि पंत ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम लगातार परिवारों से संपर्क कर उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में समझा रहे हैं। कई लोग सहमति भी जता रहे हैं, जबकि असहमति जताने वाले परिवारों की आपत्तियों को भी रिकॉर्ड पर लिया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता है कि 10 अगस्त की समय सीमा से पहले हर व्यक्ति की सुनवाई पूरी कर ली जाए और एक उचित समाधान निकाला जाए।”


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