Delhi: दिल्ली को मिले 20 हजार करोड़ के निवेश, 27 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली में आयोजित 'भारत टेक्स-2026' और 'इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' कार्यक्रम राज्य के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मध्यप्रदेश को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस भारी-भरकम निवेश से प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के…





मध्यप्रदेश में निवेश का नया अध्याय

दिल्ली में एमपी की बड़ी उपलब्धि: ₹20,193 करोड़ के निवेश से खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत टेक्स-2026’ और ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम राज्य के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मध्यप्रदेश को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस भारी-भरकम निवेश से प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को पूरा करने में एक अग्रणी राज्य के रूप में अपनी भूमिका निभाएगा।

निवेशकों के लिए मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण

होटल द लीला पैलेस में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नया औद्योगिक पावरहाउस बताया। उन्होंने राज्य की ओर से निवेशकों को 10 विशेष गारंटियां दीं, जिनमें नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS-2027) के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया और उन्हें हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश

भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान एमपी के वस्त्र उद्योग को नई ऊर्जा मिली है। इस सत्र में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र और निर्यात संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया।

  • कुल निवेश: ₹1,592 करोड़
  • संभावित रोजगार: 15,700 अवसर

रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश

रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश को लेकर निवेशकों ने भारी दिलचस्पी दिखाई है। रक्षा, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौना उद्योग जैसे क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं।

प्रमुख कंपनियां निवेश का क्षेत्र
ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी रक्षा एवं ऊर्जा
हिमाचल फ्यूचरिस्टिक, वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार

इन निवेशों से राज्य में लगभग 11,892 युवाओं को रोजगार मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सात महत्वपूर्ण एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीलंका, ब्राजील, रूस, इटली और फ्रांस के राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, जैव ईंधन और खाद्य प्रसंस्करण रहा। इसके अतिरिक्त, राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के लिए सात बड़े एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। विशेष रूप से अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुआ समझौता प्रदेश के एमएसएमई (MSME) और स्थानीय शिल्पकारों को वैश्विक बाजार तक सीधे पहुंचाएगा।

औद्योगिक विकास के लिए सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर

कार्यक्रम में राज्य के मजबूत बुनियादी ढांचे का खाका प्रस्तुत किया गया, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है:

  • सड़क नेटवर्क: 5 लाख किलोमीटर से अधिक।
  • कनेक्टिविटी: 8 क्रियाशील एयरपोर्ट और 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो।
  • लैंड बैंक: उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक की भूमि उपलब्ध।
  • अन्य सुविधाएं: मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स, आईटी पार्क और पर्याप्त बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति।



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