Monsoon Update: नर्मदापुरम में 13 दिन बाद झमाझम बारिश, किसानों में खुशी


नर्मदापुरम जिले में लंबे अंतराल के बाद मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों से जारी लगातार बारिश ने पूरे जिले के मौसम का मिजाज बदल दिया है। मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर में 2 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान…

नर्मदापुरम में मानसून की जोरदार वापसी: 24 घंटे की झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट, किसानों के चेहरे खिले

नर्मदापुरम जिले में लंबे अंतराल के बाद मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों से जारी लगातार बारिश ने पूरे जिले के मौसम का मिजाज बदल दिया है। मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर में 2 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। इस बारिश ने भीषण उमस और गर्मी से जूझ रहे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत दी है। जिले के सोहागपुर में सबसे अधिक 3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि इटारसी, पिपरिया, सिवनी मालवा और पचमढ़ी जैसे क्षेत्रों में भी मानसून ने अच्छी दस्तक दी है।

25 जुलाई तक सक्रिय रहेगा मानसून का दौर

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, ऊपरी हवाओं में बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसून ट्रफ के असर से नर्मदापुरम में बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा। आगामी 22 से 25 जुलाई तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इस दौरान निम्नलिखित चेतावनियां जारी की हैं:

  • अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश का दौर बना रहेगा।
  • 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

खरीफ फसलों के लिए वरदान बनी बारिश

लगातार बारिश ने जिले के किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है। पिछले कुछ दिनों से बारिश की कमी के कारण सोयाबीन और धान की फसलें सूखने की कगार पर थीं, जिससे किसान काफी चिंतित थे। अब पर्याप्त नमी मिलने से धान की रोपाई का कार्य फिर से जोर पकड़ चुका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए संजीवनी की तरह है और यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बना रहा, तो फसल उत्पादन में शानदार वृद्धि देखने को मिलेगी।

प्रशासन की अपील: नदी-नालों के पास रहने वाले रहें सतर्क

लगातार बारिश के चलते जिले के जलस्रोतों, नदियों और जलाशयों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। जिला प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे नदी-नालों के समीप जाने से बचें। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और मौसम के ताजा अपडेट्स पर निरंतर नजर बनाए रखें। बदलते मौसम के साथ ही प्रशासन ने किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को भी दुरुस्त कर लिया है।


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