Indore: वार्ड 60 का चुनाव रद्द, पार्षद सुनेहरा अंसारी की जीत पर कोर्ट का फैसला

इंदौर नगर निगम चुनाव 2022 से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला कोर्ट ने वार्ड क्रमांक 60 से निर्वाचित पार्षद सुनेहरा अंसारी की जीत को अवैध करार देते हुए उनकी सदस्यता निरस्त कर दी है। द्वितीय जिला न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने 17 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में पार्षद के नामांकन पत्र…

इंदौर: पार्षद सुनेहरा अंसारी की सदस्यता रद्द, जिला कोर्ट का बड़ा फैसला

इंदौर नगर निगम चुनाव 2022 से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला कोर्ट ने वार्ड क्रमांक 60 से निर्वाचित पार्षद सुनेहरा अंसारी की जीत को अवैध करार देते हुए उनकी सदस्यता निरस्त कर दी है। द्वितीय जिला न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने 17 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में पार्षद के नामांकन पत्र और निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया। कोर्ट के इस सख्त रुख से स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है।

शपथ-पत्र में गलत जानकारी देना पड़ा महंगा

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सुनेहरा अंसारी ने नामांकन पत्र के साथ जो शपथ-पत्र दाखिल किया था, उसमें संपत्ति, देनदारियों और अन्य अनिवार्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया था या फिर उनमें त्रुटियां थीं। कोर्ट के अनुसार, यह कृत्य मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम निर्वाचन नियम, 1994 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।

  • संपत्ति का विवरण: नामांकन में संपत्तियों की जानकारी छिपाना।
  • देनदारियां: कर बकाया और अन्य वित्तीय दायित्वों का गलत खुलासा।
  • पात्रता: चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक तथ्यों को गोपनीय रखना।

क्या था पूरा मामला और कोर्ट का रुख?

वर्ष 2022 के निकाय चुनाव में 6 जुलाई को मतदान हुआ था और 17 जुलाई 2022 को परिणामों की घोषणा के बाद सुनेहरा अंसारी को विजेता घोषित किया गया था। इस जीत को चुनौती देते हुए उम्मीदवार इफ्तेखार अंसारी ने एडवोकेट विजय शर्मा के जरिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया और पाया कि प्रत्याशी द्वारा प्रस्तुत जानकारी में गंभीर खामियां थीं, जिसके चलते उनका नामांकन ही अवैध हो गया।

उपविजेता को नहीं मिली जीत, अब क्या होगा?

कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें दूसरे स्थान पर रहीं उम्मीदवार यासमीन अंसारी को विजयी घोषित करने की अपील की गई थी। इस संबंध में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि केवल विजेता का चुनाव रद्द होने से उपविजेता को स्वतः निर्वाचित नहीं माना जा सकता।

विषय विवरण
संबंधित वार्ड वार्ड क्रमांक 60, इंदौर
फैसला सुनाने वाले द्वितीय जिला न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा
मुख्य कारण शपथ-पत्र में गलत और अधूरी जानकारी देना

अदालत ने आदेश की प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी और नगर निगम कमिश्नर को भेज दी है ताकि आगामी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस फैसले के बाद अब वार्ड-60 में नए सिरे से चुनावी प्रक्रिया को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।


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