झाबुआ के माछलिया घाट में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भक्त ने दंडवत यात्रा कर पूरी की मन्नत
झाबुआ जिले के नेशनल हाईवे स्थित माछलिया घाट के सांईबाबा मंदिर में 35वां गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सांई मानव सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में झाबुआ, धार, राजगढ़ और राणापुर सहित दूर-दराज के आदिवासी अंचलों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भजनों और जयकारों की गूंज के बीच भक्तों ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्त की अनोखी मन्नत: दो किलोमीटर दंडवत यात्रा
महोत्सव के दौरान आस्था का एक विहंगम दृश्य देखने को मिला, जब छोटा माछलिया निवासी संतोष खराड़ी ने अपनी मन्नत पूरी की। अपने परिवार की सुख-समृद्धि और आर्थिक संकट से मुक्ति मिलने पर उन्होंने अपने घर से मंदिर तक की करीब दो किलोमीटर की दूरी दंडवत प्रणाम करते हुए तय की। मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने बाबा को 21 किलो नुक्ती का प्रसाद अर्पित कर आभार व्यक्त किया।
धार्मिक अनुष्ठान और महाप्रसाद का आयोजन
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला। सुबह से ही हवन और विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रमुख अनुष्ठानों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:
- विशेष अभिषेक: कालीदेवी के सागर-रिया वर्मा और माछलिया के हक्कु-सतुरा भुरिया दंपत्ति ने सांईबाबा का अभिषेक कर विशेष हवन संपन्न कराया।
- भक्तिमय माहौल: प्राकृतिक वादियों के बीच दिनभर सांई भजनों के गायन से पूरा माछलिया घाट भक्ति के रंग में डूबा रहा।
- महाप्रसाद: दर्शन के लिए पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के लिए समिति की ओर से महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
सांई मानव सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव अब क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
