मुरैना अपहरण कांड: पिता ही निकला मास्टरमाइंड, 18 दिन की रेकी के बाद दिया वारदात को अंजाम
मध्य प्रदेश के मुरैना में 4 वर्षीय मासूम कार्तिकेय राजपूत के अपहरण मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बच्चे की बरामदगी के लिए पुलिस कई राज्यों में खाक छान रही थी, उसका अपहरण किसी अनजान अपराधी ने नहीं, बल्कि उसके सगे पिता निलेश राजपूत ने ही किया था। पुलिस ने राजस्थान के पाली जिले से मुख्य आरोपी निलेश को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, इस साजिश में शामिल पिता का भाई विनोद राजपूत और एक अन्य साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
18 दिनों की सुनियोजित साजिश का खुलासा
जांच में सामने आया है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि करीब 18 दिनों तक की गई रेकी और एक गहरी साजिश का नतीजा थी। घटनाक्रम की शुरुआत 14 जुलाई को हुई, जब मुरैना के गोपालपुरा स्थित रेनबो स्कूल से बच्चा रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दो लोग बच्चे को ले जाते हुए दिखे, जिनकी पहचान बाद में पिता निलेश और ताऊ विनोद के रूप में हुई।
- 26 जून: आरोपी मुंबई से फ्लाइट लेकर ग्वालियर पहुंचे और मुरैना के साईं पैलेस लॉज में ठहरे।
- रेकी: आरोपियों ने लॉज संचालक की स्कूटी का इस्तेमाल कर करीब दो सप्ताह तक स्कूल के रास्तों और सुरक्षा का जायजा लिया।
- 14 जुलाई: दोपहर 1 बजे स्कूल से छुट्टी के बाद निलेश ने बच्चे को उठाया और फरार हो गया।
पति-पत्नी के विवाद ने लिया गंभीर मोड़
इस पूरे मामले की जड़ में पति-पत्नी के बीच चल रहा घरेलू विवाद है। निलेश और उसकी पत्नी इशू यादव ने 2019 में प्रेम विवाह किया था, लेकिन 2022 में बेटे के जन्म के बाद विवाद बढ़ गए। जनवरी 2026 में पत्नी बेटे को लेकर मायके मुरैना आ गई थी। निलेश ने कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय बेटे को जबरन हासिल करने के लिए अपहरण का रास्ता चुना।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के दायरे में अन्य
पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस राजस्थान के पाली तक पहुंची। इस दौरान कई अहम तथ्य सामने आए:
| जांच का बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य आरोपी | निलेश राजपूत (पिता) गिरफ्तार |
| फरार आरोपी | विनोद राजपूत (ताऊ) और एक अज्ञात चालक |
| लॉज संचालक | पुलिस की जांच के घेरे में, दस्तावेज जब्त |
पुलिस अधीक्षक का बयान
मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने कहा कि कस्टडी के लिए कानून का दरवाजा खटखटाना चाहिए था, न कि अपहरण जैसा गंभीर अपराध करना। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मासूम कार्तिकेय पूरी तरह सुरक्षित है और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
