आलीराजपुर सहकारी बैंक में 24 लाख से अधिक का गबन, कैशियर फरार
मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जहां बैंक के खजाने से 24 लाख 12 हजार 326 रुपए की हेराफेरी की गई है। इस गंभीर अनियमितता के सामने आते ही बैंक प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी शाखा प्रबंधक को निलंबित कर दिया है, जबकि मुख्य आरोपी कैशियर वेलसिंह पलासिया घटना के बाद से ही भूमिगत है। पुलिस अब फरार आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
अतिरिक्त फंड की मांग से खुला गबन का राज
वित्तीय धांधली का यह मामला तब उजागर हुआ जब आलीराजपुर शाखा की ओर से बैंक मुख्यालय को अतिरिक्त फंड भेजने का आग्रह किया गया। बैंक के फंड मैनेजर को रिकॉर्ड के अनुसार यह पहले से ही ज्ञात था कि शाखा में पर्याप्त नकदी मौजूद है। इस विसंगति पर संदेह गहराते ही प्रबंधन ने एक विशेष जांच दल (Special Investigation Team) का गठन किया। टीम की विस्तृत जांच में पाया गया कि बैंक के रिकॉर्ड में हेरफेर कर लाखों रुपए का गबन किया गया है।
प्रभारी प्रबंधक पर गिरी गाज, मुख्यालय बदला
बैंक के महाप्रबंधक आरजु इकबाल खान ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभारी शाखा प्रबंधक जामसिंह भाभर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, भाभर फरवरी 2025 से शाखा का प्रभार संभाल रहे थे और उन्हीं के कार्यकाल में यह वित्तीय गड़बड़ी हुई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पेटलावद शाखा निर्धारित किया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
खाताधारकों में बढ़ी चिंता, पुलिस कार्रवाई तेज
बैंक प्रबंधन अब फरार कैशियर वेलसिंह पलासिया और अन्य संभावित दोषियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया में जुटा है। जल्द ही इस संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस घटना ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- सुरक्षा पर सवाल: दो साल पहले भी इसी बैंक में ग्राहकों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग कर राशि निकालने का मामला सामने आया था।
- आर्थिक सुरक्षा: बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से खाताधारकों के बीच अपनी जमा पूंजी को लेकर डर और चिंता का माहौल है।
- प्रशासनिक चूक: जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या बैंक के अन्य कर्मचारी भी इस गबन में शामिल हो सकते हैं।
