Indore: नगर निगम ने ढहाया 90 साल पुराना डॉक्टर का मकान, मची अफरा-तफरी


मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम ने एक बार फिर जर्जर इमारतों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को शहर के जूना कसेरा बाखल इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल और पोकलेन मशीन के साथ पहुंचा। यहां निगम ने एक 90 साल…

इंदौर में नगर निगम का सख्त एक्शन: 90 साल पुराने जर्जर मकान को किया जमींदोज

मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम ने एक बार फिर जर्जर इमारतों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को शहर के जूना कसेरा बाखल इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल और पोकलेन मशीन के साथ पहुंचा। यहां निगम ने एक 90 साल पुराने जर्जर मकान को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई शहर में मानसून के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

बारिश के चलते बरती जा रही सावधानी

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह मकान डॉ. प्रमोद साकी का था, जो काफी समय से जर्जर स्थिति में था। बारिश के मौसम में इस पुरानी इमारत के गिरने का खतरा बना हुआ था, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि की आशंका को नकारा नहीं जा सकता था। निगम की इस कार्रवाई के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • सुरक्षा को प्राथमिकता: कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आसपास की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया था।
  • अधिकारियों की निगरानी: बिल्डिंग ऑफिसर पल्लवी पाल के नेतृत्व में निगम आयुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए यह ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई।
  • सतर्कता अभियान: नगर निगम ने शहर भर में ऐसे कई पुराने और खतरनाक मकानों को पहले ही चिह्नित कर लिया है, जो कभी भी धराशायी हो सकते हैं।

लगातार जारी है निगम का रिमूवल अभियान

बता दें कि इंदौर नगर निगम द्वारा जर्जर मकानों को हटाने का यह सिलसिला लंबे समय से जारी है। जोन नंबर 3 के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में निगम की पोकलेन मशीन ने एक ही वार में इस जर्जर ढांचे को जमींदोज कर दिया। स्थानीय निवासियों को भी कार्रवाई से पहले पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। निगम प्रशासन का साफ कहना है कि शहर में जान-माल की सुरक्षा के लिए ऐसी खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।


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