Crime: बॉयफ्रेंड के सामने गर्लफ्रेंड से गैंगरेप, अगले दिन मिली दोनों की लाशें

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज हम आपको नर्मदापुरम जिले के पिपरिया इलाके की एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात से रूबरू कराएंगे, जिसने साल 2010 में पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। वैलेंटाइन डे की रात घर से निकले एक युवा प्रेमी जोड़े की जिंदगी का यह आखिरी सफर साबित हुआ।

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स: 2010 का वो वैलेंटाइन डे, जब खेतों में मिली प्रेमी जोड़े की लाश

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज हम आपको नर्मदापुरम जिले के पिपरिया इलाके की एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात से रूबरू कराएंगे, जिसने साल 2010 में पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। वैलेंटाइन डे की रात घर से निकले एक युवा प्रेमी जोड़े की जिंदगी का यह आखिरी सफर साबित हुआ।

अगली सुबह जब दोनों के शव खेत में मिले, तो दृश्य बेहद डरावना था। युवती के कपड़े अस्त-व्यस्त थे, जिसे देखकर शुरुआती जांच में ही कई गंभीर सवाल खड़े हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को एक वीभत्स मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया। क्या यह ऑनर किलिंग का मामला था? क्या कोई गहरी साजिश रची गई थी? या फिर इस हत्याकांड के पीछे की वजह कुछ और ही थी?

15 फरवरी 2010 की सुबह नर्मदापुरम के पिपरिया में हल्की धुंध के बीच किसान दुर्जन सिंह अपने गेहूं के खेत की ओर बढ़े। वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। फसल के बीच एक युवक और युवती बेसुध पड़े थे। पास जाकर देखने पर पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है और युवती के शरीर के साथ बर्बरता की गई थी।

पुलिस की तफ्तीश और खुलासे

  • घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस की टीम ने मिट्टी, बाल और कपड़ों के नमूने लिए।
  • युवक की पहचान दीपक के रूप में हुई, जबकि युवती की शिनाख्त दीप्ति (बदला हुआ नाम) के तौर पर की गई।
  • जांच में पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और वे अक्सर मोबाइल पर संपर्क में रहते थे।
  • वैलेंटाइन डे के दिन दोनों साथ निकले थे, जिसके बाद वे कभी वापस नहीं लौटे।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हिलाया सिस्टम: घटनास्थल की परिस्थितियों से लग रहा था कि यह कोई साधारण मर्डर नहीं है। पोस्टमॉर्टम में युवती के शरीर पर संघर्ष के निशान और कपड़ों पर स्पर्म के धब्बे मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

जांच में उलझते पेंच और नया मोड़

पुलिस को पहले लगा कि यह ऑनर किलिंग हो सकती है, लेकिन जांच के दौरान एक नया तथ्य सामने आया जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। खुलासा हुआ कि दीपक पहले से ही शादीशुदा था और अपनी पत्नी के साथ रहता था। इस जानकारी ने जांच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

घटनास्थल पर कोई चश्मदीद न होने के कारण पुलिस पूरी तरह से तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भर हो गई। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन के जरिए संदिग्धों का दायरा तय किया गया। पुलिस अब वैज्ञानिक जांच की मदद से कातिलों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

अब सबसे बड़े सवाल ये हैं कि: क्या दीपक के शादीशुदा होने का इस हत्या से कोई सीधा संबंध था? वो कौन लोग थे जिन्होंने इस वीभत्स वारदात को अंजाम दिया? मोबाइल रिकॉर्ड में पुलिस को ऐसे कौन से सुराग मिले, जो कातिलों को सलाखों के पीछे ले जाएंगे?

इन अनसुलझे सवालों के जवाब और इस हत्याकांड का पूरा सच जानने के लिए पढ़ें ‘मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स’ का अगला भाग (पार्ट-2)…


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