ट्रेन यात्रा के दौरान मजदूर से साइबर ठगी: यूपीआई पिन देख उड़ाए 9 हजार रुपये
महाराष्ट्र से मजदूरी करके अपने घर लौट रहे एक श्रमिक के साथ ट्रेन में साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठग ने पहले मजदूर का भरोसा जीता और फिर चालाकी से उनके बैंक खाते से 9 हजार रुपये की चपत लगा दी। इस घटना के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र के काली पहाड़ी मेड़ा श्यामपुर निवासी धनवंत सिंह बघेल महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं। 16 जुलाई को वे ट्रेन के माध्यम से अपने गांव लौट रहे थे। यात्रा के दौरान ही एक स्टेशन पर भुगतान करते समय अज्ञात आरोपी ने धोखे से उनका यूपीआई पिन देख लिया था।
मां की बीमारी का बहाना बनाकर दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने बड़ी ही चतुराई से धनवंत सिंह का विश्वास जीता। वह झांसी जाने वाली ट्रेन में भी उनके साथ बैठ गया और बातचीत के दौरान अपनी मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया। पीड़ित ने इंसानियत के नाते उसे अपना मोबाइल फोन दे दिया। ठग ने इस मौके का फायदा उठाकर दोपहर 2:42 बजे यूपीआई के जरिए 9 हजार रुपये अपने एक परिचित रविकांत चौबे के खाते में ट्रांसफर कर लिए।
ठगी के इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित का नाम | धनवंत सिंह बघेल |
| ठगी गई राशि | 9,000 रुपये |
| घटना का समय | 16 जुलाई, दोपहर 2:42 बजे |
| स्थान | ट्रेन यात्रा के दौरान |
पानी लेने के बहाने हुआ फरार
पैसे ट्रांसफर करने के बाद आरोपी ने मोबाइल वापस कर दिया और पानी लाने का बहाना बनाकर वहां से रफूचक्कर हो गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आया, तो धनवंत सिंह को शक हुआ। उन्होंने अपना मोबाइल चेक किया तो खाते से रुपये कटने का मैसेज देख उनके होश उड़ गए।
- पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई।
- आरोपी की पहचान और उसके साथी के खाते की जांच जारी है।
- धनवंत सिंह ने ठगी गई रकम वापस दिलाने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। साइबर विशेषज्ञों ने यात्रियों को सार्वजनिक स्थानों पर अपना यूपीआई पिन सुरक्षित रखने और अनजान लोगों को अपना मोबाइल न देने की सलाह दी है।
