छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष पद का घमासान: किरणमयी नायक और ममता साहू आमने-सामने
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर उपजा विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक खींचतान में बदल गया है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू के बीच पदभार को लेकर जारी रस्साकशी ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। डॉ. नायक का दावा है कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, जबकि ममता साहू ने सरकार के आदेश का हवाला देते हुए जल्द पदभार संभालने की बात कही है।
डॉ. किरणमयी नायक का दावा: मामला हाईकोर्ट में है लंबित
डॉ. किरणमयी नायक ने स्पष्ट किया है कि उनका दूसरा कार्यकाल 20 जुलाई 2026 तक है। उनका तर्क है कि 15 दिसंबर 2023 को सरकार द्वारा उन्हें हटाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने स्थगन (Stay) दिया था, जो अभी भी प्रभावी है। डॉ. नायक के अनुसार, जब तक न्यायालय का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक सरकार किसी अन्य व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त नहीं कर सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर नई नियुक्ति को जबरन लागू किया जाता है, तो यह न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आ सकता है।
ममता साहू का रुख: सरकारी आदेश सर्वोपरि
दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. किरणमयी नायक का कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त हो चुका है। ममता साहू ने कहा, “मैं भी एक वकील हूं और कानून को समझती हूं। जब तक न्यायालय से कोई विपरीत आदेश नहीं आता, तब तक सरकार का नियुक्ति आदेश पूरी तरह प्रभावी है। मैं तय मुहूर्त और तिथि के अनुसार अपना पदभार ग्रहण करूंगी।”
आयोग के कामकाज का संक्षिप्त ब्यौरा
डॉ. किरणमयी नायक ने अपने छह साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को साझा करते हुए आयोग के प्रदर्शन पर आंकड़े पेश किए हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल दर्ज मामले | 6,463 |
| निराकृत मामले | 6,184 |
| जनसुनवाई की संख्या | 416 |
| तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर | 2,200 |
कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां
- महतारी न्याय रथ: डीएमएफ फंड की मदद से 217 दिनों तक 872 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया।
- वर्ल्ड रिकॉर्ड: 2020 में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग का नाम ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ।
- तकनीकी पहल: व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर (9098382225) के जरिए महिलाओं को त्वरित सहायता और शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गई।
- प्रशिक्षण: साइबर अपराध, मानव तस्करी और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे विषयों पर 2,200 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया।
फिलहाल, यह मामला अब कानूनी दांव-पेच में फंसता नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि क्या ममता साहू निर्धारित समय पर पदभार ग्रहण कर पाती हैं या हाईकोर्ट के किसी नए निर्देश का इंतजार करना होगा।










