Crime: सालिग्राम गर्ग समेत 4 पर हत्या का केस, धीरेंद्र शास्त्री ने पल्ला झाड़ा

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पास राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोंड़ा में जमीन विवाद ने एक हिंसक रूप ले लिया है। इस झड़प के दौरान हुई फायरिंग में मोतीलाल कुशवाहा नाम का एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस मामले में पुलिस ने बागेश्वर धाम…

छतरपुर: बागेश्वर धाम के पास जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, धीरेंद्र शास्त्री के भाई पर फायरिंग का आरोप

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पास राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोंड़ा में जमीन विवाद ने एक हिंसक रूप ले लिया है। इस झड़प के दौरान हुई फायरिंग में मोतीलाल कुशवाहा नाम का एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस मामले में पुलिस ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई सालिग्राम गर्ग समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुई वारदात?

घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 14 जुलाई की दोपहर करीब 1 बजे अंकित मिश्रा, सतीश घोषी और एक अन्य व्यक्ति उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने कहा कि ‘छोटे सरकार’ यानी सालिग्राम गर्ग उन्हें प्राथमिक स्कूल के पास बुला रहे हैं। मोतीलाल अपने भाई और मां के साथ वहां पहुंचे, जहां सालिग्राम गर्ग ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।

  • हमला: आरोप है कि सालिग्राम के साथियों ने डंडों से मोतीलाल पर हमला किया।
  • फायरिंग: शिकायत के अनुसार, सालिग्राम ने अपनी कमर से पिस्टल निकाली और मोतीलाल के पेट पर सटाकर गोली चला दी।
  • गंभीर स्थिति: गोली मोतीलाल के दाहिने सीने के नीचे लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

मामले का विवरण

विवरण जानकारी
मुख्य आरोपी सालिग्राम गर्ग (धीरेंद्र शास्त्री के भाई)
अन्य आरोपी अंकित मिश्रा, सतीश घोषी व एक अन्य
दर्ज धाराएं हत्या का प्रयास (IPC 307) व अन्य
स्थिति आरोपी फरार, पुलिस की दबिश जारी

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दी सफाई

इस पूरे घटनाक्रम पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका अपने भाई सालिग्राम गर्ग से पिछले तीन वर्षों से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सालिग्राम अपने हर कृत्य के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं और इस मामले को उनसे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस की कार्रवाई और दूसरा पक्ष

दूसरी ओर, इस मामले में दूसरे पक्ष की तुलसी मिश्रा ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि वे रास्ते से गुजर रहे थे तभी मोतीलाल और उनके परिजनों ने उन पर हमला किया। इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि फिलहाल घायल किसान की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। यदि दूसरे पक्ष से कोई पुख्ता शिकायत या साक्ष्य मिलते हैं, तो उसकी भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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