शहर में स्कूली बसों पर यातायात पुलिस का शिकंजा
शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस ने आज एक बड़ा सघन जांच अभियान चलाया। इस विशेष मुहिम के तहत केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 व 2, सेंट अलायसिस और सेंट जोसेफ जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बाहर स्कूली बसों और वैनों की बारीकी से जांच की गई। पुलिस का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा गाइडलाइंस और मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना था।
40 वैन चालकों पर कार्रवाई और भारी जुर्माना
जांच के दौरान कई स्कूल वैन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं, जिसके बाद यातायात पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए इन वाहनों को जब्त कर लिया और सिविल लाइन थाने में खड़ा कराया। नियमों को ताक पर रखने वाले 40 स्कूल वैन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए मौके पर ही 70 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यातायात पुलिस के महत्वपूर्ण निर्देश
- बच्चों को स्कूल परिसर के अंदर ही सुरक्षित तरीके से चढ़ाया और उतारा जाए।
- सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का 100% पालन अनिवार्य है।
- अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की नियमित फिटनेस जांच जरूरी है।
- अभिभावकों से अपील: बच्चों को ई-रिक्शा या ऑटो में स्कूल न भेजें, क्योंकि ये स्कूली परिवहन के लिए वैध नहीं हैं।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए चेतावनी
अभियान के दौरान लोक परिवहन में लगे ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट रखने और ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य किया गया है। यातायात पुलिस ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
| कार्रवाई का विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल दंडित वाहन चालक | 40 |
| वसूला गया जुर्माना | 70,000 रुपये |
| मुख्य फोकस | सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस |
