लखनऊ में अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा हमला
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार को निशाने पर लेते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं और युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य की जनता 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से पूरी तरह बेदखल करने का मन बना चुकी है।
भाजपा की नीतियां किसान विरोधी
सपा अध्यक्ष ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी साबित हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा महज एक चुनावी छलावा बनकर रह गया है। आज स्थिति यह है कि अन्नदाता को अपनी उपज का लागत मूल्य तक नसीब नहीं हो रहा है, जबकि समय पर खाद, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता न होने से खेती करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
किसान आत्महत्या और प्रशासनिक विफलता
अखिलेश यादव ने आगरा के फतेहाबाद में कर्ज के बोझ तले दबे किसान पद्म सिंह की आत्महत्या का जिक्र करते हुए सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खाद की कमी को लेकर सरकार वैश्विक संकट का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है, जबकि बुवाई के सीजन से पहले पर्याप्त इंतजाम करना प्रशासन का प्राथमिक कर्तव्य था।
| प्रमुख मुद्दे | अखिलेश यादव का आरोप |
|---|---|
| खाद-बीज | समय पर उपलब्धता न होना और मिलावट |
| MSP | कानूनी गारंटी न होने से बिचौलियों को लाभ |
| प्रशासन | चुनिंदा कार्रवाई और राजनीतिक भेदभाव |
बिचौलियों को संरक्षण और 2027 का चुनाव
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि मौजूदा सरकार में बिचौलियों का बोलबाला है जिन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा न मिलने के कारण बड़ी कंपनियां किसानों का शोषण कर रही हैं। अखिलेश यादव ने विश्वास जताया कि भाजपा सरकार ने किसानों का भरोसा खो दिया है। उन्होंने कहा कि 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से हटाकर ही दम लेगी, जिससे प्रदेश के किसानों के जीवन में वास्तविक खुशहाली आ सकेगी। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिना पंजीकरण वाले संस्थानों और संगठनों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते मनमानी कार्रवाई करने में जुटी है।
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