लदूसा के सांवलिया सेठ मंदिर में दान की बारिश: दानपात्र से निकले 12 लाख से ज्यादा रुपये
मालवा अंचल के प्रसिद्ध आस्था केंद्र, लदूसा स्थित भगवान लक्ष्मीनारायण (सांवलिया सेठ) मंदिर में सोमवार को दानपात्र खोला गया। इस दौरान हुई गणना में भक्तों की अटूट आस्था की झलक देखने को मिली। देर शाम तक चली गिनती में मंदिर के दानपात्र से कुल 12 लाख 21 हजार 700 रुपये की राशि प्राप्त हुई है। यह आंकड़ा पिछले महीने की तुलना में काफी अधिक है, जो मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
दान राशि में हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी
मंदिर समिति के आंकड़ों पर नजर डालें तो दान की राशि में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछली बार जब 14 जून को दानपात्र खोला गया था, तब कुल 10 लाख 251 रुपये प्राप्त हुए थे। इस बार प्राप्त हुई 12.21 लाख रुपये की राशि ने पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
| दानपात्र खोलने की तिथि | प्राप्त कुल दान राशि |
|---|---|
| 14 जून | 10 लाख 251 रुपये |
| सोमवार (वर्तमान) | 12 लाख 21 हजार 700 रुपये |
श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
मंदिर समिति के ट्रस्टी महेश व्यास ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में मंदिर प्रांगण में करीब 4 हजार वर्गफीट क्षेत्र में एक आधुनिक डोम का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस डोम के तैयार हो जाने के बाद भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में भी श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
भविष्य की योजना: बनने जा रही है भव्य धर्मशाला
दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों के ठहरने की समस्या को दूर करने के लिए समिति ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने भगवान सांवलिया सेठ के नाम पर 2 बीघा से अधिक कृषि भूमि का क्रय किया है। इस जमीन को 34 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया है। समिति का लक्ष्य है कि इस स्थान पर भविष्य में सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य धर्मशाला का निर्माण किया जाए, ताकि बाहर से आने वाले भक्तों को कोई परेशानी न हो।
मंगलवार को आयोजित होगी महाप्रसादी
मंदिर प्रबंधन ने जानकारी दी है कि मंगलवार को मंदिर के कपाट दिनभर श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। शाम को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके उपरांत बड़ी संख्या में भक्तों के बीच महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
- मुख्य आकर्षण: दान राशि में 2 लाख से अधिक की वृद्धि।
- विकास कार्य: 4 हजार वर्गफीट में आधुनिक डोम का निर्माण।
- नई पहल: श्रद्धालुओं के रुकने के लिए 34 लाख में खरीदी गई जमीन।
