पुराने नोटों के बदले लाखों का झांसा: इंस्टाग्राम रील देखकर ड्राइवर ने गंवाए 79 हजार रुपये
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लुभावने विज्ञापनों के फेर में फंसकर मुरार के खुरैरी निवासी एक पीएचई विभाग के ड्राइवर को 79,000 रुपये का चूना लगा है। पीड़ित लोकेन्द्र सिंह किरार को इंस्टाग्राम पर पुराने नोटों के बदले करोड़ों रुपये देने का विज्ञापन दिखा था, जिसके बाद ठगों ने उन्हें ‘ओल्ड कॉइन बायर’ कंपनी का प्रतिनिधि बनकर जाल में फंसा लिया। आरोपी ने प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी और गेट पास के नाम पर अलग-अलग किश्तों में पैसे ऐंठे और अंत में खुद को साइबर क्राइम टीम की गिरफ्त में बताकर डराने की कोशिश की। फिलहाल, पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया के जरिए रची गई साजिश
घटना की शुरुआत 11 जुलाई को हुई, जब 32 वर्षीय लोकेन्द्र सिंह इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल कर रहे थे। उन्हें नितिन कुमार सिंह नामक प्रोफाइल से एक वीडियो दिखा, जिसमें पुराने नोट और सिक्कों के बदले भारी रकम देने का दावा किया गया था। लोकेन्द्र ने वीडियो में दिए गए नंबर पर संपर्क किया, जहां सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताया। विश्वास जीतने के लिए ठगों ने नकली पार्सल पैकिंग और नोटों की गड्डियों के वीडियो भी भेजे, जिससे पीड़ित को उनकी बातों पर यकीन हो गया।
किश्तों में वसूली गई मोटी रकम
ठगों ने पीड़ित से पहले 550 रुपये की मामूली प्रोसेसिंग फीस मांगी, जिसके बाद शुरू हुआ वसूली का सिलसिला। आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से बार-बार पैसे ट्रांसफर कराए:
- जीएसटी कार्ड बनवाने के नाम पर 10,300 रुपये की मांग की।
- प्रक्रिया रुकने का हवाला देकर 14,800 रुपये और ऐंठ लिए।
- अगली बार 29,999 रुपये का भुगतान लिया गया।
- अंत में एयरपोर्ट पर ‘गेट पास’ के नाम पर 18,200 रुपये वसूले गए।
साइबर क्राइम का डर दिखाकर की अंतिम वसूली
जब पीड़ित ने और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने अपना असली चेहरा दिखाते हुए धमकी दी कि उसे साइबर क्राइम टीम ने पकड़ लिया है। उसने कहा कि अगर जेल से बचना है तो तुरंत और पैसे भेजे जाएं। इस धमकी ने पीड़ित की आंखें खोल दीं और उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। लोकेन्द्र ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की चेतावनी: सतर्कता ही बचाव है
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे किसी भी भ्रामक विज्ञापन पर भरोसा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:
- पुराने नोटों के बदले लाखों रुपये देने वाले विज्ञापनों में अक्सर धोखाधड़ी होती है।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को ‘प्रोसेसिंग फीस’ या ‘जीएसटी’ के नाम पर ऑनलाइन भुगतान न करें।
- डिजिटल ट्रांजेक्शन करने से पहले कंपनी या व्यक्ति का आधिकारिक सत्यापन अवश्य करें।
- धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर रिपोर्ट करें।









