Naseeruddin Shah: पाकिस्तान से शादी, जानलेवा हमला और रत्ना संग रिश्ता!

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 210 से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके नसीरुद्दीन शाह का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। एक समय था जब मुंबई की चकाचौंध में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें फर्श पर सोना पड़ा था…

नसीरुद्दीन शाह का 76वां जन्मदिन: संघर्ष की गलियों से अभिनय के शिखर तक का सफर

भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। 210 से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके नसीरुद्दीन शाह का सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। एक समय था जब मुंबई की चकाचौंध में अपनी पहचान बनाने के लिए उन्हें फर्श पर सोना पड़ा था और लोकल ट्रेनों में बिना टिकट सफर करना पड़ा था। स्पर्श, मासूम, सरफरोश और ए वेडनेसडे जैसी कालजयी फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई है, वह अद्वितीय है।

घर से भागकर मुंबई का रुख

नसीरुद्दीन शाह अपनी आत्मकथा ‘एंड देन वन डे’ में साझा करते हैं कि 16 साल की उम्र में ही उनके भीतर अभिनेता बनने की जिद सवार हो गई थी। उनके पिता उन्हें एक अफसर या डॉक्टर बनते देखना चाहते थे, लेकिन नसीर का मन तो सिनेमा की दुनिया में रमता था। एक दोस्त की गर्लफ्रेंड के पिता के भरोसे पर वे महज 500 रुपये लेकर मुंबई आ गए। हालांकि, वहां उम्मीदों के विपरीत उन्हें जरी की फैक्ट्री के एक हॉल में दर्जनों लोगों के साथ फर्श पर रातें बितानी पड़ीं। ताज होटल में बेलबॉय की नौकरी से लेकर एक्स्ट्रा कलाकार के तौर पर 7.50 रुपये में काम करने तक, उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया।

दिलीप कुमार की नसीहत और घर वापसी

मुंबई में संघर्ष के दौरान नसीरुद्दीन शाह की मुलाकात दिलीप कुमार के परिवार से हुई। उनके पिता ने दिलीप कुमार की बहन सकीना के जरिए नसीर को ढूंढ निकाला था। दिलीप कुमार ने उन्हें सलाह दी थी कि “अच्छे परिवारों के लड़कों को फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आना चाहिए।” हालांकि, नसीर उस समय उनसे यह पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाए कि यदि ऐसा है, तो वे खुद इस पेशे में क्यों आए? बाद में उन्हें वापस मेरठ भेज दिया गया था।

निजी जीवन के उतार-चढ़ाव

नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की छात्रा परवीन मुराद (मनारा सीकरी) से हुई थी, जो उम्र में उनसे लगभग 15 साल बड़ी थीं। 1969 में हुई इस गुपचुप शादी ने उनके परिवार को स्तब्ध कर दिया था। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। बाद में उन्होंने रत्ना पाठक से विवाह किया। नसीर ने अपनी मां से वादा किया था कि वे रत्ना पर धर्म बदलने का कोई दबाव नहीं डालेंगे, और उन्होंने अपना यह वचन बखूबी निभाया।

विवादों से रहा पुराना नाता

नसीरुद्दीन शाह अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शाहरुख खान को ‘बोरिंग’ और अनुपम खेर को ‘जोकर’ तक कह दिया था। अनुपम खेर ने भी पलटवार करते हुए उनके बयानों को उनके निजी जीवन की आदतों से जोड़ दिया था। हालांकि, समय के साथ इन दोनों दिग्गजों के बीच की कड़वाहट कम हुई और उन्होंने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगा लिया है।

जीवन के कुछ अनसुने पहलू

  • बेटी का जन्म: अपनी पहली संतान (हीबा) के जन्म पर वे खुश होने के बजाय निराश थे, क्योंकि उन्हें बेटे की उम्मीद थी।
  • पिता की अंतिम विदाई: पैसों की तंगी और फ्लाइट न मिलने के कारण वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे।
  • चाकू से हमला: 1977 में उनके दोस्त राजेंद्र जसपाल ने उन पर जलन के कारण चाकू से हमला किया था, जिसमें ओम पुरी ने उनकी जान बचाई थी।
प्रमुख तथ्य विवरण
जन्मदिन 76 वर्ष (जुलाई 2026)
प्रमुख फिल्में स्पर्श, मासूम, सरफरोश, ए वेडनेसडे
जीवनसाथी रत्ना पाठक शाह

आज नसीरुद्दीन शाह भारतीय सिनेमा की एक ऐसी शख्सियत बन चुके हैं, जिन्होंने हर किरदार को अपनी मेहनत से जीवंत किया है। उनका सफर हमें सिखाता है कि सफलता के लिए सिर्फ प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अटूट धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता भी जरूरी है।


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