Celebs: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ भड़के सितारे, आयुष शर्मा और भूमि ने जताई नाराजगी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई ने बॉलीवुड के बड़े सितारों को झकझोर कर रख दिया है। सोनू सूद, अनुराग कश्यप, आयुष शर्मा, हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर सहित कई फिल्मी हस्तियों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और छात्रों…

दिल्ली संसद मार्च: छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद बॉलीवुड जगत में आक्रोश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई ने बॉलीवुड के बड़े सितारों को झकझोर कर रख दिया है। सोनू सूद, अनुराग कश्यप, आयुष शर्मा, हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर सहित कई फिल्मी हस्तियों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है और छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।

अभिनेता आयुष शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी राय रखते हुए कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र की असली मजबूती नागरिकों की आवाज में होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की मांगों को दबाने के बजाय उन्हें सुनना चाहिए। आयुष ने दुख व्यक्त किया कि अपनी वाजिब मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए युवाओं को टियर गैस और लाठीचार्ज जैसी बर्बरता का सामना करना पड़ा, जो कि एक चिंताजनक स्थिति है।

सोनू सूद ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को आईना दिखाते हुए लिखा, “हमारे छात्रों को लाठियों की नहीं, बल्कि गले लगाने वाले हाथों की जरूरत है।”

पुलिस की कार्यशैली पर अनुराग कश्यप के तीखे सवाल

फिल्मकार अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वर्दी पहनने का मतलब अपनी आत्मा और नैतिकता का सौदा करना है? उन्होंने पुलिस बल से पूछा कि क्या देश की सुरक्षा व्यवस्था में कोई ऐसा जवान नहीं है जो गलत आदेशों के खिलाफ आवाज उठा सके?

हुमा कुरैशी और भूमि पेडनेकर ने की शांति की अपील

हुमा कुरैशी ने प्रदर्शन के दौरान की तस्वीरों को बेहद दुखद करार दिया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इतनी बेरहमी से बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए था। हुमा ने याद दिलाया कि भारत के नागरिकों ने ही सरकार को चुना है, इसलिए उनसे जवाबदेही की उम्मीद करना उनका हक है।

वहीं, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने स्पष्ट किया कि हिंसा कभी भी समाधान नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का आधार संवाद है। भूमि ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों जैसे पेपर लीक, शिक्षकों की कमी और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव पर भी ध्यान केंद्रित करने की मांग की। यूट्यूबर एल्विश यादव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों की जायज समस्याओं को हिंसा से कुचलना पूरी तरह गलत है।

संसद मार्च: क्या रही स्थिति?

  • सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक हुए मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।
  • सुबह 10 बजे बैरिकेड्स तोड़ने के बाद स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
  • इस झड़प में 50 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग इतने ही प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • शाम होते-होते रैपिड एक्शन फोर्स ने मोर्चा संभालते हुए जंतर-मंतर को खाली कराया।

इस पूरे मामले ने फिल्म जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। एक ओर शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे दिग्गज कलाकार छात्रों के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं, तो दूसरी ओर कंगना रनोट और हेमा मालिनी जैसे सितारे इस प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। देश में शिक्षा सुधारों को लेकर चल रहा यह आंदोलन अब पूरी तरह से दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है।


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