दिल्ली में सरकारी शिक्षक ने की आत्महत्या की कोशिश, जनगणना ड्यूटी के तनाव का आरोप
राजधानी दिल्ली में एक सरकारी शिक्षक द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग और प्रशासनिक कामकाज पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पीड़ित शिक्षक जनगणना और मतदाता सूची से जुड़े कार्यों (BLO सुपरवाइजर) की ड्यूटी पर तैनात थे। परिवार का स्पष्ट आरोप है कि विभाग द्वारा दिए गए अत्यधिक काम के दबाव और वरिष्ठ अधिकारियों के मानसिक उत्पीड़न के कारण शिक्षक ने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल, शिक्षक का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद से ही शिक्षक के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिवार का कहना है कि वे पिछले दो-ढाई वर्षों से अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके बावजूद उन्हें लगातार काम का बोझ दिया जा रहा था। परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने मामले को दर्ज कर लिया है और वे घटना के पीछे के हर संभावित पहलू की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
काम के दबाव और प्रताड़ना के लगे गंभीर आरोप
- अस्थमा से पीड़ित थे शिक्षक: परिवार के अनुसार, शिक्षक लंबे समय से बीमार थे, फिर भी उन्हें मेडिकल लीव देने के बजाय काम का भारी दबाव दिया गया।
- सुपरवाइजर के पद पर थे तैनात: शिक्षक सदर बाजार के बूथ नंबर 141 से 150 तक के कार्यों की निगरानी कर रहे थे।
- गंभीर आरोप: परिजनों ने दावा किया है कि शिक्षक ने फ्लाईओवर से कूदने से पहले हताशा में डेटॉल का सेवन भी किया था।
- जांच जारी: पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी किसी भी अधिकारी की भूमिका पर अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 8 जुलाई की शाम को उन्हें इस दुखद घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शिक्षक अपनी ड्यूटी से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर काफी मानसिक तनाव में थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर उन्हें किसी विशेष अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव और उनके मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल, विभाग की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। शिक्षक के परिजन लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब दिल्ली के शिक्षा महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।





