Delhi News: सोनम वांगचुक ने इलाज लेने से किया इनकार, पत्नी ने मांगी निष्पक्ष जांच

नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ गई है। बीते 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे वांगचुक को शनिवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर VMMC एवं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन…

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी: नीट पेपर लीक मामले में जारी भूख हड़ताल के बीच अस्पताल में भर्ती

नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ गई है। बीते 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे वांगचुक को शनिवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर VMMC एवं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इलाज के लिए जरूरी आईवी फ्लूइड (IV Fluid), ओआरएस (ORS) और अन्य दवाओं को लेने से भी मना कर दिया है।

मेडिकल बुलेटिन: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी

सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में भर्ती किए जाते समय वांगचुक पूरी तरह होश में थे। उनकी नब्ज, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर सामान्य पाया गया, लेकिन उनके स्वास्थ्य परीक्षण में कई चिंताजनक संकेत मिले हैं।

पैरामीटरवर्तमान स्थिति
ब्लड शुगर78 mg/dl
यूरिन कीटोन्सस्तर 1+ से बढ़कर 3+ हुआ
स्वास्थ्य स्थितिडिहाइड्रेशन और एसिड-बेस असंतुलन

डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर में पोटैशियम की मात्रा काफी कम हो गई है। चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल प्रभाव से चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी है, लेकिन वांगचुक ने किसी भी प्रकार के मेडिकल हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया है। अस्पताल प्रशासन उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

परिवार का आरोप: बिना सहमति इलाज और रिपोर्ट देने में आनाकानी

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनकी स्पष्ट सहमति के बिना उनके पति को कोई भी उपचार न दिया जाए। गीतांजलि ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर 4.3 से गिरकर 2.9 पर आ गया है, लेकिन बार-बार मांगने के बाद भी उन्हें मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट न देना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है और परिवार का विश्वास डगमगा रहा है।

स्वतंत्र मेडिकल जांच की मांग

वांगचुक के परिवार ने मांग की है कि किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले एक स्वतंत्र मेडिकल जांच कराई जाए। गीतांजलि का कहना है कि वे बाहरी लैब से रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के इलाज पर फैसला लेंगी। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें सभी रिपोर्ट नहीं मिल जातीं और उनकी अनुमति नहीं ली जाती, तब तक वांगचुक को कोई भी दवा या फ्लूइड न दिया जाए।

  • उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
  • लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
  • खेल जगत की हलचल जानने के लिए यहां क्लिक करें।