बालाघाट चावल घोटाला: एथेनॉल के नाम पर हुआ करोड़ों का खेल, तीन और राईस मिलर्स गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में गरीबों के राशन में सेंधमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने एथेनॉल प्लांट की आड़ में फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी करने के आरोप में तीन प्रमुख राईस मिलर्स को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्री बिहारी राईस मिल (नैतरा) के संचालक बिहारी पटले, शांति राईस मिल (नैतरा) के संचालक सुरेंद्र राणा और विराज राईस मिल के संचालक गौरव शामिल हैं। इन सभी को पुलिस ने रिमांड पर लिया है और पूछताछ की जा रही है। इस बहुचर्चित घोटाले में अब तक कुल सात आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
क्या है पूरा घोटाला?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 6 से 8 महीनों के भीतर बालाघाट के एफसीआई (FCI) और अन्य सरकारी गोदामों से लगभग 16 हजार मीट्रिक टन से अधिक फोर्टिफाइड चावल एथेनॉल प्लांट के नाम पर जारी करवाया गया था। हालांकि, यह चावल कभी भी एथेनॉल प्लांट तक नहीं पहुंचा।
- चावल की हेराफेरी: दलालों की मदद से इस चावल को सीधे राईस मिलर्स को बेच दिया गया।
- दोबारा मिलिंग: मिलर्स ने इस चावल को दोबारा प्रोसेस (मिलिंग) करके फिर से सरकार के पास ही जमा कर दिया।
- सरकारी खजाने को चूना: इस पूरी प्रक्रिया से मिलर्स और प्लांट संचालकों ने करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया।
मामले में अब तक की मुख्य कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में अब तक की जांच का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में साझा किया है:
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
|---|---|
| कुल गिरफ्तार आरोपी | 07 |
| जब्त किए गए ट्रक | 20 से अधिक |
| साक्ष्य जुटाया गया चावल | 5 हजार मीट्रिक टन से अधिक |
| कुल नामजद आरोपी | 13 से अधिक |
फरार आरोपियों की तलाश जारी
इस फर्जीवाड़े में कई रसूखदार लोग भी शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनमें एवीजे एथेनॉल प्लांट (बोरगांव, छिंदवाड़ा), सिवनी राईस मिलर्स और संचेती राईस मिलर्स के संचालक प्रमुख हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंत्री के भतीजे से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जाएगा।










