सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर सियासी घमासान, कन्हैया कुमार ने सरकार पर बोला हमला
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल ले जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सरकार के इशारे पर की गई है। कन्हैया कुमार ने लोकतांत्रिक प्रदर्शन को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन्हें बलपूर्वक हटाने का रास्ता अख्तियार नहीं करना चाहिए था।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि ऐसा लगता है जैसे जंतर-मंतर कोई सार्वजनिक स्थल न होकर सरकार का निजी गार्डन हो, जहां से वे अपनी मर्जी के मुताबिक लोगों को हटा रहे हैं। कन्हैया ने आरोप लगाया कि सत्ता का अहंकार इस कदर बढ़ गया है कि न्याय की मांग करने वाले नागरिकों की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश: कन्हैया कुमार
कन्हैया कुमार ने अपनी पोस्ट में सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “चोरी ही इस सरकार का संस्कार बन गया है। चाहे विधायकों को तोड़कर होटल ले जाना हो या फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना, यह सब लोकतंत्र को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह खेल केवल इसलिए रचा जा रहा है ताकि आम जनता को डरा-धमकाकर चुप कराया जा सके।”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज को किसी भी सूरत में दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संघर्ष आने वाले समय में एक बड़े जनांदोलन का रूप लेगा और इससे शिक्षा व्यवस्था से लेकर पूरी सरकारी प्रणाली में बदलाव आएगा। उनका यह बयान तब आया है जब सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और उन्हें पुलिस की देखरेख में अस्पताल पहुंचाया गया है।
प्रदर्शनकारियों का विरोध और वांगचुक की सेहत
जंतर-मंतर पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उनका दावा है कि सोनम वांगचुक को उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन धरना स्थल से उठाया गया, जिससे वहां कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। अस्पताल में की गई प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि 21 दिनों के लंबे अनशन के कारण सोनम वांगचुक का वजन 9.5 किलोग्राम तक गिर चुका है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत की निगरानी कर रही है और उनका इलाज जारी है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| अनशन की अवधि | 21 दिन |
| वजन में कमी | 9.5 किलोग्राम |
| वर्तमान स्थिति | सफदरजंग अस्पताल में भर्ती |
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