दिल्ली में घर बनाना हुआ आसान: DDA ने बदली हाउसिंग पॉलिसी, अब इन बदलावों के लिए नहीं लेनी होगी अनुमति
दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपने आवासीय फ्लैटों और मकानों में किए जाने वाले छोटे निर्माण कार्यों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुई यह संशोधित नीति आम नागरिकों के लिए काफी राहत लेकर आई है। अब मकान मालिक कई तरह के सामान्य बदलाव बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे कर सकेंगे। हालांकि, भवन की सुरक्षा और ढांचे (Structural) से जुड़े कार्यों के लिए पहले की तरह डीडीए की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक बाधाओं को खत्म कर नागरिकों को सहूलियत प्रदान करना है।
DDA ने वर्ष 2007 के बाद अपनी हाउसिंग पॉलिसी में यह सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण संशोधन किया है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद नई नीति को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब कम ऊंचाई वाले आवासीय ब्लॉकों की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले फ्लैट मालिक भी निर्धारित शर्तों के दायरे में रहकर निर्माण और संशोधन का काम करवा सकेंगे।
DDA की नई नीति: निर्माण कार्यों का वर्गीकरण
नई व्यवस्था के तहत निर्माण कार्यों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि स्पष्टता बनी रहे:
- श्रेणी 1: इसमें छोटे और गैर-संरचनात्मक बदलाव शामिल हैं, जिन्हें बिना किसी पूर्व अनुमति के किया जा सकता है।
- श्रेणी 2: इसमें तकनीकी मानकों और भवन प्रबंधन से जुड़े कार्य आते हैं, जिनके लिए काम शुरू करने से पहले अनुमति जरूरी है।
- श्रेणी 3: इसमें अतिरिक्त निर्माण और विस्तार शामिल है, जिसके लिए डीडीए से पहले से स्वीकृति लेना अनिवार्य है।
बिना अनुमति किए जा सकने वाले प्रमुख कार्य
नई नीति के तहत अब निवासियों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्य छूट निम्नलिखित हैं:
| निर्माण कार्य | विवरण |
|---|---|
| EV चार्जिंग | पार्किंग क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट की स्थापना। |
| दिव्यांग सुविधा | घर के बाहर दिव्यांगजनों के लिए रैंप का निर्माण। |
| बाउंड्री वॉल | सीमा दीवार को ग्रिल या फेंसिंग के साथ 7 फीट तक ऊंचा करना। |
| सनशेड व बालकनी | 2.5 फीट तक सनशेड और 5 फीट तक बालकनी की पैरापेट को ग्रिल/ग्लास से ऊंचा करना। |
किन कार्यों के लिए अब भी लेनी होगी मंजूरी?
भवन की मजबूती और सुरक्षा से समझौता न हो, इसके लिए कुछ कार्यों पर सख्त नियम बरकरार रखे गए हैं। स्ट्रक्चरल बदलाव, पानी-सीवर की लाइनों में फेरबदल, रसोई या बाथरूम की स्थिति बदलना, सीढ़ियों का विस्तार और खुली छत को ढलानदार छत (Sloping Roof) से कवर करने जैसे कार्यों के लिए पहले की तरह डीडीए की लिखित मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा
जिन कार्यों के लिए अनुमति आवश्यक है, उनके लिए DDA ने ऑनलाइन प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया है। आवेदक डीडीए या एमसीडी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की मुख्य शर्तें:
- प्रस्तावित निर्माण का नक्शा किसी पंजीकृत आर्किटेक्ट से प्रमाणित होना चाहिए।
- निर्धारित शुल्क के साथ आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने होंगे।
- विभाग को आवेदन प्राप्त होने के बाद 30 दिनों के भीतर उस पर निर्णय लेना होगा।
- यदि दस्तावेजों में कोई कमी है, तो आवेदक को उसे सुधारने के लिए अतिरिक्त 30 दिन का समय दिया जाएगा।
डीडीए का यह कदम दिल्ली के लाखों फ्लैट मालिकों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, जिससे वे अपने घरों को अपनी सुविधा के अनुसार सुरक्षित तरीके से अपग्रेड कर सकेंगे।










