Delhi: CJP प्रदर्शन पर हाई कोर्ट सख्त, लाठीचार्ज मामले में दखल से इनकार


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के आरोपों को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। सोमवार, 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए…

दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के मार्च पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के आरोपों को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। सोमवार, 20 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देते हुए एक वकील ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच के समक्ष मामले को अर्जेंट सुनवाई के लिए रखा था। हालांकि, अदालत ने इसे तुरंत सूचीबद्ध करने से मना करते हुए सख्त लहजे में कहा कि “कोर्ट को इस सब में मत घसीटो।”

हिंसा और कानूनी कार्रवाई का विवरण

प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी, लाठीचार्ज और आंसू गैस की गोलाबारी में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस घटना में 60 प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, वहीं 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब तक कुल 4 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 2 अन्य मामलों पर प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं और दोषियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज व अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच शुरू कर दी है।

बुधवार को होगी मामले की अगली सुनवाई

याचिकाकर्ता ने अदालत से न्यायिक हस्तक्षेप और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए निर्देश जारी करने की मांग की है। अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करने के बाद अब इस मामले को बुधवार के लिए निर्धारित किया है। बुधवार को होने वाली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं, उपलब्ध तथ्यों और याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहतों पर विस्तार से विचार करेगा।

वीडियो फुटेज से पहचान और त्रिस्तरीय जांच

पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक एफआईआर की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट समेत अन्य संबंधित थानों में मामले दर्ज किए गए हैं। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम 250 से अधिक वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंसा की हो रही गहन पड़ताल

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की समीक्षा के लिए त्रिस्तरीय जांच शुरू की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच का मुख्य आधार बनाया जा रहा है ताकि उपद्रवियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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