दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ी, अब 19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा में विस्तार किया है। अब राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। आयोग द्वारा दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जारी निर्देश के अनुसार, मतदाता सूची के ड्राफ्ट का प्रकाशन अब 5 अगस्त के बजाय 17 अगस्त को होगा। इसके साथ ही, घर-घर जाकर किए जाने वाले सत्यापन (डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन) का कार्य भी 29 जुलाई की जगह 8 अगस्त तक जारी रहेगा। इस प्रकार दिल्ली के इस विशेष अभियान में 10 दिनों की अतिरिक्त अवधि जोड़ी गई है। गौरतलब है कि इससे पहले हरियाणा में भी इसी तरह की समयसीमा में वृद्धि की गई थी।
अभियान का उद्देश्य और संशोधित कार्यक्रम
दिल्ली में यह विशेष अभियान 30 जून से शुरू हुआ था, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन और फॉर्म वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्वाचन आयोग का मानना है कि इस विस्तार से उन पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने का पूरा मौका मिलेगा, जो अब तक इस प्रक्रिया से वंचित रह गए थे। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) की प्रक्रिया भी 8 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।
| कार्य का विवरण | पुरानी तिथि | संशोधित तिथि |
|---|---|---|
| ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन | 5 अगस्त | 17 अगस्त |
| दावे और आपत्तियां दर्ज कराना | 5 अगस्त – 4 सितंबर | 17 अगस्त – 16 सितंबर |
| दावों का निपटारा | – | 17 अगस्त – 15 अक्टूबर |
| अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन | – | 19 अक्टूबर |
सत्यापन में सामने आए अहम आंकड़े
बीएलओ द्वारा की गई शुरुआती जांच में मतदाता सूची की स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सत्यापन के दौरान अब तक निम्नलिखित तथ्य दर्ज किए गए हैं:
- 30,907 ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनका निधन हो चुका है।
- 1,20,450 मतदाता ऐसे मिले हैं, जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है।
- 12,160 मतदाता सत्यापन के दौरान अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं।
अन्य राज्यों में भी बदली समयसीमा
निर्वाचन आयोग ने केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी SIR कार्यक्रम की अवधि बढ़ाई है। पंजाब, तेलंगाना और कर्नाटक के लिए हाल ही में संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। पंजाब में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 13 अगस्त को जारी होगा और अंतिम सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। इसके अलावा, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में भी प्रशासनिक और व्यावहारिक कारणों से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि इन बदलावों का मुख्य ध्येय मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
