Nag Panchami 2024: सावन में नाग पंचमी कब है, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

धर्म डेस्क – सावन का महीना महादेव की भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. इसी पावन महीने में आने वाला नाग पंचमी का त्योहार धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है. इस दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान शिव की आराधना का विशेष विधान है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सच्ची निष्ठा…

सावन में नाग पंचमी का महत्व: कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए करें ये अचूक उपाय

धर्म डेस्क – सावन का महीना महादेव की भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. इसी पावन महीने में आने वाला नाग पंचमी का त्योहार धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास है. इस दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान शिव की आराधना का विशेष विधान है. मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन सच्ची निष्ठा और विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. इसके अलावा, इस दिन विशेष उपाय करने से कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष के अशुभ प्रभावों से भी राहत मिलती है.

नाग पंचमी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है. इस वर्ष यह पर्व 17 अगस्त, सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. पंचमी तिथि का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

तिथि समय
पंचमी तिथि प्रारंभ 16 अगस्त, शाम 4:52 बजे से
पंचमी तिथि समाप्त 17 अगस्त, शाम 5:00 बजे तक
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:04 बजे से 8:39 बजे तक

नाग पंचमी पूजन विधि

नाग पंचमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर गाय के गोबर या मिट्टी से नाग देवता की आकृति बनाएं. इसके पश्चात नाग देवता को पुष्प, दुग्ध और नैवेद्य अर्पित करें. धूप-दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान से पूजा संपन्न करें और नाग पंचमी की कथा का श्रवण करें. पूरी श्रद्धा से की गई यह पूजा साधक को मनोवांछित फल प्रदान करती है.

शिवलिंग पर जलाभिषेक का महत्व

नाग पंचमी के दिन भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है. जलाभिषेक के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें और शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करते हुए ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें. इसके अतिरिक्त शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, शहद, चंदन, अक्षत और कनेर के फूल चढ़ाएं. शिवलिंग पर त्रिपुंड बनाकर सुख-समृद्धि और जीवन में सफलता प्राप्ति की प्रार्थना करें.

कालसर्प दोष निवारण के विशेष उपाय

जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष है या राहु-केतु के कारण जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, उनके लिए नाग पंचमी का दिन वरदान के समान है. इस दिन चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है. इसके अलावा, जो लोग संतान सुख में कमी, विवाह में देरी या आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, वे भी इस उपाय को अपना सकते हैं. पूजा के उपरांत चांदी के नाग-नागिन को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करना या मंदिर में दान करना शुभ माना जाता है.

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