नीट परीक्षा विवाद: राहुल गांधी के धरने के बाद संसद में चर्चा पर बनी सहमति, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर बढ़ा गतिरोध
देश भर में चर्चा का विषय बनी NEET परीक्षा को लेकर उपजा विवाद अब सियासी रूप से काफी गर्मा गया है। इसी कड़ी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सड़क पर उतरने का फैसला किया। वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के साथ अकबर रोड के पास धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए सरकार ने तुरंत सक्रियता दिखाई और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह तथा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को स्थिति संभालने के लिए भेजा।
सरकार का आश्वासन और विपक्ष की नई शर्तें
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि प्रदर्शन की जगह पर आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने यह शर्त रखी कि यदि सरकार नीट परीक्षा और उससे जुड़ी विसंगतियों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हो जाती है, तो वे अपना प्रदर्शन खत्म कर देंगे।
- सरकार ने उच्च स्तर पर विचार-विमर्श के बाद संसद में नीट मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे दी।
- राहुल गांधी ने चर्चा की स्वीकृति मिलने के बाद अपनी मांगों का दायरा बढ़ा दिया।
- विपक्ष ने अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को भी अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है।
मांगों पर पलटने के आरोपों से गरमाई राजनीति
जितेंद्र सिंह ने इस घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए राहुल गांधी के रुख पर सवाल खड़े किए। मंत्री के अनुसार, जब सरकार ने संसद में चर्चा की उनकी पहली मांग मान ली, तो राहुल गांधी ने तुरंत शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का नया मुद्दा खड़ा कर दिया। जितेंद्र सिंह का कहना है कि जब उन्हें उनकी पुरानी शर्त की याद दिलाई गई, तो उन्होंने अपनी मांगों में बदलाव कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के इस व्यवहार को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया है। सरकार का मानना है कि जिम्मेदारी भरे पदों पर बैठे नेताओं को अपनी मांगों पर स्थिर रहना चाहिए, न कि बार-बार शर्तें बदलनी चाहिए। फिलहाल, नीट मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और संसद में इस विषय पर हंगामे के पूरे आसार बने हुए हैं।
