कांकेर धान घोटाला: तालाकुर्रा खरीदी केंद्र में करोड़ों की हेराफेरी, तीन कर्मचारियों पर FIR दर्ज
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में धान खरीदी में हुई बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। तालाकुर्रा धान खरीदी केंद्र में करीब 1.14 करोड़ रुपये के धान घोटाले की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक और सहकारिता महकमे में हड़कंप मच गया है।
जांच में हुआ 3692 क्विंटल धान का बड़ा अंतर
जिले के कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की एक संयुक्त टीम ने तालाकुर्रा उपार्जन केंद्र का औचक भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान रिकॉर्ड और स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र से कुल 3692.68 क्विंटल धान गायब मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपये के करीब है।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मरकाटोला के प्रबंधक ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है:
- खरीदी केंद्र प्रभारी
- कम्प्यूटर ऑपरेटर
- बारदाना प्रभारी
कांग्रेस का प्रदर्शन और प्रशासनिक दबाव
इस घोटाले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई थी। बीते सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने मरकाटोला में बड़ा प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि सरकारी धान की खुलेआम चोरी की गई है और दोषियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बढ़ते दबाव और स्पष्ट साक्ष्यों के बाद प्रशासन को यह बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस घोटाले के तार और किन-किन लोगों से जुड़े हैं, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| गायब धान की मात्रा | 3692.68 क्विंटल |
| घोटाले की अनुमानित राशि | 1.14 करोड़ रुपये |
| कार्रवाई का प्रकार | FIR दर्ज |
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस घोटाले में कुछ बड़े अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल हैं। मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
