स्मार्ट मीटर और बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सरकार पर लगाया ‘वसूली’ का आरोप
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस ने अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राजधानी रायपुर के ईश्वरी चरण शुक्ल वार्ड स्थित राजीव नगर में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को ‘महतारी वंदन वसूली मीटर’ करार देते हुए आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार महतारी वंदन योजना के नाम पर दी जा रही राशि को बढ़े हुए बिजली बिलों के जरिए जनता से वापस वसूल रही है।
क्या है कांग्रेस का मुख्य आरोप?
विकास उपाध्याय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत कई गंभीर दावे किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।
- असामान्य बिल वृद्धि: जिन परिवारों का बिल पहले 1000 से 1500 रुपये आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद वह पांच से सात गुना तक बढ़ गया है।
- आर्थिक संकट: मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है, जिसके कारण कई लोगों को कर्ज लेकर बिल चुकाने पड़ रहे हैं।
- सरप्लस राज्य का विरोधाभास: छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य होने के बावजूद जनता को महंगी बिजली मिल रही है।
स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन
कांग्रेस कार्यकर्ता इस अभियान के दौरान लोगों से सहमति पत्र भरवा रहे हैं, ताकि स्मार्ट मीटर को हटवाया जा सके। पूर्व विधायक ने याद दिलाया कि पिछली सरकार की ‘बिजली बिल हाफ’ योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलती थी, लेकिन अब स्मार्ट मीटर और बढ़ी हुई दरों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
सरकार के सामने रखी ये मांगें
कांग्रेस ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। पार्टी की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- स्मार्ट मीटर लगाने की वर्तमान प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- जिन घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, उन्हें हटाया जाए।
- अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों की उच्च स्तरीय समीक्षा की जाए और जनता को राहत दी जाए।
