राजधानी पुलिस की बड़ी कामयाबी: 6 साल से फरार हिस्ट्रीशीटर संजय रक्सेल गिरफ्तार
राजधानी रायपुर की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे हिस्ट्रीशीटर संजय रक्सेल को पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत धर दबोचा है। आरोपी पिछले छह वर्षों से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी। संजय रक्सेल पर हत्या के प्रयास, बलवा, चोरी और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट भी जारी किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे बिछाया गया जाल?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में खमतराई थाने में संजय रक्सेल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। अपराध को अंजाम देने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप ने लंबित गंभीर मामलों की समीक्षा करते हुए आरोपी को जल्द पकड़ने के कड़े निर्देश दिए थे।
- तकनीकी विश्लेषण: पुलिस ने आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।
- मुखबिर तंत्र: एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और खमतराई पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया।
- संयुक्त अभियान: पुलिस की विशेष टीम ने कई दिनों तक आरोपी के परिचितों और संभावित ठिकानों पर नजर रखी।
- सफल घेराबंदी: पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
विभिन्न थानों में दर्ज हैं 24 से अधिक गंभीर केस
संजय रक्सेल थाना मौदहापारा का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ रायपुर के अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित धाराएं शामिल हैं:
आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, नकबजनी, चोरी, मारपीट, तोड़फोड़ और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट और नारकोटिक एक्ट के तहत भी गंभीर मामले लंबित हैं। पुलिस का मानना है कि इस अपराधी की गिरफ्तारी से शहर के कई पुराने और लंबित मामलों की जांच में तेजी आएगी। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
