OBC: हेमंत यादव बने कार्यवाहक अध्यक्ष, 27% आरक्षण के लिए आंदोलन का ऐलान

छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज ने अपने अधिकारों की रक्षा और संगठन को मजबूती देने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में कांकेर जिले में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने कई अहम निर्णय लिए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला कार्यकारिणी में बदलाव और राज्य में 27…


कांकेर में ओबीसी समाज की बड़ी बैठक: संगठन विस्तार और 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए फूंक दिया बिगुल

छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज ने अपने अधिकारों की रक्षा और संगठन को मजबूती देने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में कांकेर जिले में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में समाज के पदाधिकारियों ने कई अहम निर्णय लिए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला कार्यकारिणी में बदलाव और राज्य में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर भविष्य की रणनीति तैयार करना था।

हेमंत यादव बने कांकेर के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष

बैठक के दौरान संगठनात्मक ढांचे में कुछ बड़े बदलाव किए गए। नारायणपुर निवासी जिला अध्यक्ष मधेश्वर जैन के जिले से बाहर रहने के कारण, कार्यभार को सुचारू रूप से चलाने के लिए हेमंत यादव को कांकेर का कार्यवाहक जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, दशपुर निवासी दशरथ साहू समेत कई अन्य पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इन बदलावों के बावजूद वर्तमान जिला कार्यकारिणी पहले की तरह ही अपना कार्य जारी रखेगी।

‘एक प्रदेश, एक संगठन’ की नीति पर मुहर

पदाधिकारियों ने 17 जून 2026 को रायपुर में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक का हवाला देते हुए बताया कि अब पूरे छत्तीसगढ़ में ‘एक प्रदेश, एक संगठन’ के सिद्धांत पर काम किया जाएगा। बस्तर संभाग के संगठन को आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद अब इसे प्रदेश भर में लागू करने की तैयारी है।

आंदोलन की राह पर ओबीसी समाज

बैठक में 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बैठक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • आरक्षण की लड़ाई: 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी।
  • संगठन का विस्तार: सरगुजा से लेकर दंतेवाड़ा तक संगठन की इकाइयों को मजबूत करना।
  • लंबित मांगें: समाज की अन्य प्रमुख मांगों को लेकर सरकार के समक्ष मजबूती से पक्ष रखना।

2013 से जारी है समाज के हक की लड़ाई

प्रदेश अध्यक्ष जगन्नाथ साहू ने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 2013 से ओबीसी समाज के हितों के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में 60 प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, पिछड़ा वर्ग मंत्रालय और संचालनालय में 30 नए पदों का सृजन भी संगठन की बड़ी सफलता है।

प्रमुख बिंदु विवरण
कार्यवाहक अध्यक्ष (कांकेर) हेमंत यादव
प्रमुख मांग 27% ओबीसी आरक्षण
लक्ष्य सरगुजा से दंतेवाड़ा तक संगठन विस्तार

अंत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2013 से पहले ओबीसी समाज के लिए प्रदेश में एक भी छात्रावास नहीं था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल रही हैं। अब संगठन का लक्ष्य पूरे प्रदेश में ओबीसी समाज को एक मंच पर लाकर उनके अधिकारों के लिए प्रभावी लड़ाई लड़ना है।



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