बालोद में मानवता शर्मसार: पर्यावरण पार्क के पास अचेत मिली युवती, सामूहिक दुष्कर्म की आशंका
छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय से एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। शहर के पर्यावरण पार्क के समीप झाड़ियों में एक 26 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती संदिग्ध परिस्थितियों में अर्धनग्न और अचेत अवस्था में पाई गई। युवती की हालत को देखते हुए पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कर लिया है। डायल-112 की मदद से उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे फिलहाल सखी सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, 16 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर भारी बारिश हो रही थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों की नजर झाड़ियों में पड़ी युवती पर गई। युवती को बेसुध और अर्धनग्न देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवती को जिला अस्पताल पहुंचाया।
माता-पिता का साया उठा, भीख मांगकर करती थी गुजर-बसर
पुलिस की प्रारंभिक जांच में युवती की जो पहचान सामने आई है, वह बेहद दुखद है। युवती मूलतः अंतागढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली है, जिसके माता-पिता का निधन हो चुका है। परिवार के न होने के कारण वह बेघर थी और भीख मांगकर अपना पेट पाल रही थी। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कांकेर की ओर से किसी वाहन में लिफ्ट लेकर बालोद पहुंची थी। जांच में यह भी पता चला है कि वह पूर्व में कांकेर के सखी सेंटर और जगदलपुर के नारी निकेतन में भी रह चुकी है, जहां से वह कई बार भागने की कोशिश कर चुकी थी।
पुलिस की जांच तेज, सीसीटीवी फुटेज से सुलझाई जा रही गुत्थी
युवती की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ है। हालांकि, पुलिस को संदेह है कि वारदात को तीन लोगों ने अंजाम दिया हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय टीम शहर भर के सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन डंप का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
- कानूनी कार्रवाई: बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर बीएनएस की धारा 70(1) और 140(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
- मेडिकल रिपोर्ट: पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो मामले की दिशा तय करने में अहम साबित होगी।
- एसपी का बयान: पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने स्पष्ट किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
