बेमेतरा: खेत का रास्ता बंद होने से किसान परेशान, कलेक्टर से लगाई गुहार
बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया तहसील अंतर्गत ग्राम गुवारा के किसान इन दिनों भारी संकट का सामना कर रहे हैं। अपनी कृषि भूमि तक पहुंचने का रास्ता बंद होने से नाराज किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनदर्शन में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। किसानों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से वे जिस मार्ग का उपयोग कर रहे थे, उसे अचानक अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे उनकी खेती-किसानी का काम पूरी तरह से ठप पड़ गया है।
अस्पताल निर्माण के बाद से शुरू हुआ विवाद
पीड़ित किसानों ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, थानखम्हरिया के समीप स्थित है। अस्पताल का निर्माण होने के बाद से पिछले करीब 12 वर्षों से वे अस्पताल के बगल में स्थित शासकीय भूमि से होकर अपने खेतों तक आवाजाही करते रहे हैं। बरसात के दौरान जब रास्ता खराब हो गया था, तब किसानों ने खुद के खर्च से वहां मिट्टी डलवाकर उसे चलने योग्य बनाया था ताकि कृषि कार्य में बाधा न आए।
तहसीलदार की मौजूदगी में मिट्टी हटवाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके द्वारा बनवाए गए रास्ते की मिट्टी हटवा दी। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे। ग्रामीणों ने बताया कि:
- बिना किसी आधिकारिक नोटिस के रास्ते को बंद किया गया है।
- मिट्टी हट जाने के कारण अब ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खेत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
- वैकल्पिक मार्ग की मांग को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है।
खेती पर संकट, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीण अनिता गोंड ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले बड़ी मशक्कत से उन्होंने रास्ते को सुगम बनाया था, लेकिन इसे फिर से बाधित कर दिया गया। रास्ता बंद होने से न केवल फसल की बुआई प्रभावित हो रही है, बल्कि खाद-बीज और अन्य जरूरी कृषि उपकरणों को ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें खेत तक पहुंचने के लिए एक स्थायी और सुगम मार्ग जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए। फिलहाल, सभी ग्रामीणों की नजरें कलेक्टर द्वारा लिए जाने वाले आगामी निर्णय पर टिकी हैं।
