E-Malkhana: रायपुर के मौदहापारा थाने में अब डिजिटल होगा जब्त सामान का रिकॉर्ड

राजधानी रायपुर में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। शहर के मौदहापारा थाना को अब आधिकारिक तौर पर ई-मालखाना प्रणाली से जोड़ दिया गया है। आज आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले ने इस डिजिटल प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया। इससे…

रायपुर पुलिस का बड़ा कदम: मौदहापारा थाना अब हाई-टेक ई-मालखाना प्रणाली से लैस

राजधानी रायपुर में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। शहर के मौदहापारा थाना को अब आधिकारिक तौर पर ई-मालखाना प्रणाली से जोड़ दिया गया है। आज आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले ने इस डिजिटल प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पूर्व, कमिश्नरेट के अंतर्गत कोतवाली थाने में इस व्यवस्था की सफल शुरुआत की जा चुकी है।

डिजिटल तकनीक से जब्त माल का प्रबंधन और पारदर्शिता

ई-मालखाना प्रणाली के लागू होने से अपराधों और अन्य प्रकरणों में जब्त किए गए सामानों का पूरा लेखा-जोखा अब डिजिटल तरीके से रखा जाएगा। इस नई व्यवस्था के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • पारदर्शी रिकॉर्ड: जब्त की गई संपत्तियों का विवरण पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी रहेगा।
  • चेन ऑफ कस्टडी: डिजिटल एंट्री होने से जब्त माल की ‘चेन ऑफ कस्टडी’ सुरक्षित रहेगी, जिससे किसी भी सामान की स्थिति और उससे जुड़े केस की जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
  • न्यायिक कार्यकुशलता: डिजिटल रिकॉर्ड के कारण न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और कार्यकुशलता में बढ़ोतरी होगी।
  • बेहतर निगरानी: जब्त माल के प्रबंधन और उसके रखरखाव की निगरानी अब उच्च स्तर पर की जा सकेगी।

भविष्य की रणनीति: सभी थानों में होगी डिजिटल व्यवस्था

इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल और मौदहापारा थाना प्रभारी शक्ति सिंह सहित थाने के अन्य अधिकारी व कर्मचारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर का स्पष्ट कहना है कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के समावेश को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से रायपुर के सभी थानों में लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। डिजिटल युग में पुलिस की यह पहल अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई गति प्रदान करेगी।


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