Cobra: कोरबा जिला अस्पताल के डॉक्टर रूम में घुसा जहरीला कोबरा, मचा हड़कंप


छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब ओपीडी कक्ष के अंदर डॉक्टर की कंप्यूटर टेबल के नीचे एक विशाल और विषैला कोबरा सांप देखा गया। मंगलवार (21 जुलाई) को हुई इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों ने सांप को…

कोरबा जिला अस्पताल में मचा हड़कंप, डॉक्टर की टेबल के नीचे मिला खतरनाक कोबरा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब ओपीडी कक्ष के अंदर डॉक्टर की कंप्यूटर टेबल के नीचे एक विशाल और विषैला कोबरा सांप देखा गया। मंगलवार (21 जुलाई) को हुई इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों ने सांप को देखते ही खुद को सुरक्षित दूरी पर कर लिया।

घटना की जानकारी देते हुए प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सफाई के दौरान एक कर्मचारी की नजर अचानक टेबल के नीचे कुंडली मारकर बैठे सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) को घटना की सूचना दी।

15 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन में पकड़ा गया सांप

सूचना मिलते ही RCRS के अध्यक्ष अविनाश यादव अपनी रेस्क्यू टीम और जरूरी उपकरणों के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचे। भीड़भाड़ वाले इलाके में बेहद सावधानी बरतते हुए उन्होंने ऑपरेशन शुरू किया। करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़कर एक विशेष बॉक्स में बंद कर लिया। बाद में इस सांप को सुरक्षित रूप से अस्पताल से दूर घने जंगल में छोड़ दिया गया।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

रेस्क्यूअर अविनाश यादव ने बताया कि मानसून के सीजन में सांप अक्सर सुरक्षित और ठंडी जगहों की तलाश में घरों, कार्यालयों और अस्पतालों के भीतर घुस आते हैं। उन्होंने आम लोगों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा:

  • सांप दिखने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।
  • सांप से हमेशा पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
  • तुरंत किसी पेशेवर रेस्क्यू टीम या स्थानीय वन विभाग को सूचित करें।

वन विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

कोरबा वन विभाग ने भी आम नागरिकों से अपील की है कि यदि स्कूल, अस्पताल या सार्वजनिक स्थानों पर कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे परेशान न करें। वन्यजीवों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है। अस्पताल प्रशासन ने भी अब परिसर की विशेष सफाई और सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


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