छत्तीसगढ़: हाईकोर्ट से दो शराब कंपनियों को बड़ी राहत, आबकारी विभाग की कार्रवाई पर रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के आबकारी विभाग द्वारा एम/एस लीजेंड डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज ओडिशा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। ये दोनों कंपनियां लंबे समय से छत्तीसगढ़ में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के निर्माण और सप्लाई का काम देख…

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से शराब कंपनियों को बड़ी राहत, आबकारी विभाग की कार्रवाई पर लगाई रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के आबकारी विभाग द्वारा एम/एस लीजेंड डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज ओडिशा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। ये दोनों कंपनियां लंबे समय से छत्तीसगढ़ में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के निर्माण और सप्लाई का काम देख रही थीं। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।

याचिका के अनुसार, दोनों कंपनियां आबकारी विभाग द्वारा जारी वैध लाइसेंस और पंजीकरण के तहत अपना कारोबार कर रही थीं और उनके खिलाफ अनियमितता का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं था। विवाद तब शुरू हुआ जब 2 जुलाई 2026 को अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, रायपुर ने एक आदेश के जरिए इन कंपनियों की लाइव आईडी और पासवर्ड को निष्क्रिय कर दिया। यह कदम भोपाल स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज लिमिटेड (SDBL) के खिलाफ मिली एक शिकायत के आधार पर उठाया गया था, जबकि याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि वे स्वतंत्र कानूनी संस्थाएं हैं।

बिना नोटिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

कंपनियों ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका में स्पष्ट किया है कि आबकारी विभाग ने इस पूरी कार्रवाई के दौरान प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को नजरअंदाज किया। विभाग ने न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया और न ही कंपनियों को अपना पक्ष रखने का कोई अवसर दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट सुमीर सोढ़ी और आशीष तिवारी ने अदालत को बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के व्यवसाय को प्रभावित करना पूरी तरह से अनुचित और मनमाना है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी और अगली सुनवाई

  • प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: अदालत ने माना कि बिना नोटिस के कंपनियों की आईडी ब्लॉक करना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
  • आदेश पर रोक: हाईकोर्ट ने राज्य शासन द्वारा जारी आईडी निष्क्रिय करने के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
  • अगली तारीख: मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जिसमें शासन से जवाब मांगा जा सकता है।

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से उप महाधिवक्ता आनंद ददरिया उपस्थित हुए। हाईकोर्ट के इस आदेश ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि आगामी सुनवाई में शासन इस मामले में क्या तर्क पेश करता है और अदालत का अंतिम फैसला क्या होगा।