छत्तीसगढ़: करंट से युवक की मौत पर भड़का गुस्सा, लोगों ने नेशनल हाईवे किया जाम

मुंगेली जिले के जरहागांव में उस समय हड़कंप मच गया जब करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जरहागांव बस स्टैंड के पास नेशनल हाईवे पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व…

मुंगेली: करंट लगने से युवक की मौत पर भड़के परिजन, नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम

मुंगेली जिले के जरहागांव में उस समय हड़कंप मच गया जब करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय निवासियों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जरहागांव बस स्टैंड के पास नेशनल हाईवे पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेता वेदप्रकाश के नेतृत्व में हुए इस चक्काजाम के कारण करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही और सड़क के दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं।

मृतक की पहचान नगर निवासी गोविन्द साहू उर्फ गोलू के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि करंट लगने के तुरंत बाद वे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, लेकिन वहां ड्यूटी पर एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना प्राथमिक उपचार दिए ही मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जिसके चलते रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया। गुस्साए लोगों ने दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग की है।

अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

  • लापरवाही का आरोप: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका।
  • प्रशासन का रुख: पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन दिया है।
  • मौजूदा स्थिति: बीएमओ डॉ. कमलेश खैरवार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और यातायात बहाल हो पाया। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टर क्यों नदारद थे।