छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 172 करोड़ के ओवरटाइम भुगतान मामले में पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में सामने आए 172 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजेंसी ने मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निगम के तत्कालीन प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 17 जुलाई को हिरासत में लिया गया और शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद 20 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ईओडब्ल्यू-एसीबी के अनुसार, यह कार्रवाई अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की गंभीर धाराओं (467, 468, 471 और 120-बी) के तहत मामला दर्ज है।
जांच की शुरुआत और घोटाले का खुलासा
इस पूरे मामले की जांच का सिलसिला 29 नवंबर 2023 को शुरू हुआ, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर कार्यालय ने तीन संदिग्धों से 28.80 लाख रुपए की नकद राशि जब्त की थी। ईडी से प्राप्त इनपुट के आधार पर राज्य सरकार को सूचना दी गई, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर 172 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान अवैध रूप से किया गया। आरोप है कि इस पूरी राशि का बड़ा हिस्सा सिंडिकेट के जरिए कमीशन के तौर पर वसूला गया।
अदालत में पेश हो चुका है 12 आरोपियों का चालान
ईओडब्ल्यू इस मामले में अब तक 12 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चालान) पेश कर चुकी है। अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों और इसमें शामिल अन्य बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है। मामले की विस्तृत विवेचना अभी भी जारी है।
क्या है CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला?
एसीबी और ईओडब्ल्यू की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि शराब दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर फर्जी बिलों का सहारा लिया गया। ओवरटाइम और बोनस के नाम पर जो पैसा आवंटित किया गया, वह वास्तविक कर्मचारियों तक पहुंचने के बजाय अधिकारियों, कंपनियों और सिंडिकेट की जेबों में चला गया।
मैनपावर एजेंसियों को किया गया भुगतान
जांच के दायरे में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी एजेंसियां हैं। इन कंपनियों को किए गए भुगतान का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| मद (Category) | भुगतान राशि (करोड़ में) |
|---|---|
| ओवरटाइम भुगतान | 101.20 |
| बोनस भुगतान | 12.21 |
| 4 अतिरिक्त कार्यदिवस | 54.46 |
| सर्विस चार्ज | 15.11 |
| कुल | 182.98 |
इस प्रकार, कुल 182.98 करोड़ रुपए का भुगतान वित्तीय अनियमितताओं की श्रेणी में आता है, जिसे जांच एजेंसियां एक सुनियोजित कमीशन नेटवर्क मान रही हैं। इस मामले में पूर्व में सीडीएल के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
