दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन: साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 8 ‘म्यूल खातों’ पर दर्ज हुआ केस
दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के छावनी, उतई और दुर्ग कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे 8 बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो अपने खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों को करने के लिए दे रहे थे। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि लालच में आकर ये लोग अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड तक अपराधियों को बेच देते थे।
पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में एसीसीयू (ACCU) की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के जरिए ठगी की रकम के पूरे ‘मनी ट्रेल’ को ट्रैक किया। 15 जुलाई को की गई इस कार्रवाई में इन सभी संदिग्ध खाताधारकों की संलिप्तता पाए जाने के बाद उन पर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
10 से 15 हजार रुपये के लालच में फंस रहे लोग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि साइबर अपराधी भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। आरोपी अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और खाते से लिंक सिम कार्ड को 10 से 15 हजार रुपये के बदले अपराधियों को सौंप देते थे। एक बार खाता सौंपने के बाद, उस खाते का पूरा नियंत्रण साइबर ठगों के पास चला जाता था। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन फ्रॉड से प्राप्त अवैध रकम को ठिकाने लगाने और अपनी पहचान छिपाने के लिए किया जाता था।
कार्रवाई की चपेट में आए आरोपी
पुलिस ने इस मामले में पुख्ता सबूत मिलने के बाद निम्नलिखित लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है:
- अश्वंश कुमार प्रसाद
- सागर राम
- नितिन सिंघल
- अजय कुमार धहरिया
- सोनू कमलाकर पाटने
- राहुल यादव
- रेखा सिंह
- जूही तबस्सुम
पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कई बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।
सावधान: खाता साझा करना बन सकता है बड़ी मुसीबत
दुर्ग ग्रामीण के एएसपी ने आम जनता को चेतावनी देते हुए कहा कि थोड़े से पैसों के लालच में अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को देना न केवल अनैतिक है, बल्कि एक गंभीर अपराध भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस खाते से धोखाधड़ी होती है, उसका असली मालिक (खाताधारक) भी कानूनी कार्रवाई के घेरे में आता है।
| सावधानी के उपाय |
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| अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या चेकबुक कभी किसी को न दें। |
| खाते से जुड़ी सिम कार्ड या पिन किसी के साथ साझा न करें। |
| अवैध कमाई के लालच में आकर अपना बैंक खाता किराए पर न दें। |
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रलोभन में न आएं। यदि आपका खाता किसी अपराधी द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, तो आप बड़ी कानूनी मुश्किल में फंस सकते हैं। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
