Assembly: विधानसभा में आज 63 ध्यानाकर्षण, भूपेश उठाएंगे फर्जी ग्रामसभा का मुद्दा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही आज बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं, क्योंकि कार्यसूची में 63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी ग्रामसभाओं के जरिए उद्योगों की स्थापना का गंभीर मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र: फर्जी ग्रामसभा और जर्जर सड़कों पर मचेगा घमासान

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही आज बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं, क्योंकि कार्यसूची में 63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी ग्रामसभाओं के जरिए उद्योगों की स्थापना का गंभीर मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।

सदन में आज केवल फर्जी ग्रामसभा ही नहीं, बल्कि रायपुर मास्टर प्लान की विसंगतियां, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में धांधली, स्वामी आत्मानंद स्कूलों में वेतन भुगतान की समस्या और राज्य की बदहाल सड़कों जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे जाएंगे।

प्रश्नकाल में इन दिग्गजों के सवालों पर रहेगी नजर

सदन की कार्यवाही के दौरान कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों और प्रदेश से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

विधायक का नाम प्रमुख मुद्दा
भूपेश बघेल फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योगों की स्थापना।
अजय चंद्राकर नवा रायपुर सेवाग्राम की प्रगति रिपोर्ट।
आशाराम नेताम आत्मानंद स्कूल कर्मचारियों का वेतन भुगतान।
ललित चंद्राकर कामधेनु विवि में उपकरण खरीदी में अनियमितता।
कुंवर सिंह निषाद मत्स्य पालन पट्टों का आवंटन।

63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अशासकीय संकल्प

आज की कार्यसूची में कुल 63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव चर्चा के लिए सूचीबद्ध हैं। इनमें औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था, जंगलों की अवैध कटाई और कोरिया जिले की सनसनीखेज हत्या का मामला प्रमुखता से उठाया जाएगा। सदन में आज दो महत्वपूर्ण अशासकीय संकल्प भी पेश किए जाएंगे:

  • प्लास्टिक पर प्रतिबंध: विधायक अजय चंद्राकर प्रदेश में प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को रोकने के लिए प्रस्ताव लाएंगे।
  • खेल विश्वविद्यालय: विधायक सुशांत शुक्ला राज्य में खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना का संकल्प रखेंगे।

विपक्ष का आक्रामक रुख जारी

इससे पहले सत्र के तीसरे दिन भी सदन में जमकर हंगामा हुआ था। विशेष रूप से नकटी मामले में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था। विपक्ष का आरोप है कि गरीबों के घरों को तोड़ना मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जबकि सरकार ने इसे पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया करार दिया है। वहीं, इंद्रावती में बाघों के शिकार और उससे जुड़ी कथित 4 करोड़ की कमाई का मुद्दा भी राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।


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