डोंगरगढ़ में दर्दनाक हादसा: रेलवे निर्माण के गड्ढे में डूबने से 3 मासूमों की मौत
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र में बुधवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बोरतालाव थाना क्षेत्र के ग्राम गांधीनगर में रेलवे निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। बारिश के पानी से भरे इस जानलेवा गड्ढे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम
मृतक बच्चों की पहचान सार्थक कोकोटे, कृष मण्डावी (08) और दानेश मण्डावी (06) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ये तीनों बच्चे बुधवार शाम घर के पास खेल रहे थे। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान ग्रामीणों को पानी से भरे गड्ढे के पास बच्चों के कपड़े मिले, जिसके बाद शवों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया।
निर्माण एजेंसी की लापरवाही आई सामने
ग्रामीणों का आरोप है कि मुंबई-हावड़ा मेन लाइन पर पानियाजोब और बोरतलाव के बीच रेलवे ट्रैक और सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने मिट्टी निकालने के लिए गहरी खुदाई की थी, लेकिन काम खत्म होने के बाद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए।
- खुदाई के बाद गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया था।
- बारिश के कारण गड्ढा तालाब जैसा दिखने लगा था।
- मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी बोर्ड।
शिक्षकों की हड़ताल और सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे प्रशासन और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि शिक्षकों की हड़ताल के कारण बच्चों की स्कूल आने-जाने की नियमित व्यवस्था बाधित थी। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि वे इस घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
| घटना का विवरण | प्रमुख बिंदु |
|---|---|
| स्थान | गांधीनगर, बोरतालाव, राजनांदगांव |
| मृतक बच्चे | 3 मासूम (सार्थक, कृष, दानेश) |
| कारण | खुला गहरा गड्ढा और सुरक्षा में लापरवाही |
प्रशासन की कार्रवाई का आश्वासन
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। डोंगरगढ़ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में निर्माण एजेंसी की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, गांव में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
