महादेव सट्टा ऐप मामला: EBIX चेयरमैन विकास गर्ग 10 दिन की ED रिमांड पर
महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक यानी 10 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी का गंभीर आरोप है कि सट्टेबाजी से अर्जित अवैध धन को पहले कई शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया और फिर उसे अलग-अलग निवेश माध्यमों में खपाया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि इस काले धन को Foreign Portfolio Investment (FPI) और Foreign Direct Investment (FDI) जैसे रास्तों से भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया गया। इसी अवैध रकम का इस्तेमाल करके 1,175 करोड़ रुपये में अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc का अधिग्रहण किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में दुबई, मॉरीशस और अमेरिका जैसे देशों का इस्तेमाल मनी ट्रेल को छिपाने के लिए किया गया।
दिल्ली से गिरफ्तारी और रायपुर में पेशी
ED की रायपुर जोनल टीम ने विकास गर्ग को मंगलवार को नई दिल्ली से हिरासत में लिया था। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड के जरिए उन्हें रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करने के बाद कोर्ट ने पूछताछ के लिए 10 दिन की रिमांड मंजूर कर ली। ईडी के वकील सौरभ पांडेय के अनुसार, यह जांच अब केवल सट्टे के पैसों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए खड़ी की गई कॉर्पोरेट नेटवर्क की भी पोल खुल रही है।
सट्टे का पैसा और कॉर्पोरेट निवेश का जाल
जांच एजेंसी के मुताबिक, विकास गर्ग ने स्काई एक्सचेंज के संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल के साथ मिलकर महादेव ऐप के पैसों को वैध बनाने का काम किया। ईडी ने बताया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने लगभग 765.77 करोड़ रुपये गर्ग की कंपनियों में ट्रांसफर किए थे।
- अवैध धन का निवेश: एफडीआई, बॉन्ड्स और पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट के जरिए पैसा निवेश किया गया।
- EBIX का अधिग्रहण: अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces Ltd. के जरिए EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी गई।
- फंड के स्रोत: FCCBs के जरिए जुटाए गए 665 करोड़ रुपये वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल द्वारा भेजे गए थे।
940 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इसमें EBIX में हिस्सेदारी और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। बैंक रिकॉर्ड्स की जांच में सामने आया कि किस तरह लोन और एडवांस के नाम पर सट्टे का पैसा मुख्यधारा के कारोबार में लाया गया।
| विवरण | राशि (करोड़ में) |
|---|---|
| अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) | 765.77 |
| अटैच की गई कुल संपत्ति | 940.77 |
राजनीतिक कनेक्शन और विरोधाभासी बयान
विकास गर्ग की गिरफ्तारी के पीछे उनके बयानों में पाए गए विरोधाभास और नए डिजिटल साक्ष्य मुख्य कारण बने हैं। सुनील भंडारी और अमित सारोगी जैसे एंट्री ऑपरेटर्स के बयानों ने भी ईडी को विकास गर्ग और सट्टा नेटवर्क के बीच के संबंधों को जोड़ने में मदद की है।
बता दें कि विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं और उन्हें हाल ही में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया था। उनकी राजनीतिक पहुंच और भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरों के चलते विपक्ष भी इस मामले में आक्रामक रुख अपनाए हुए है। फिलहाल, ईडी उनसे पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
