धमतरी: नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आरोपी को 20 साल की कैद
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक नाबालिग के साथ हुए यौन शोषण के मामले में स्थानीय अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और प्रभावी विवेचना के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 3 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। धमतरी की पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस मामले की सफल जांच के लिए विवेचना अधिकारी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
वर्ष 2024 में दर्ज हुआ था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 का है, जो बिरेझर चौकी (थाना कुरूद) क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लेते हुए पीड़िता को सकुशल बरामद करने में सफलता प्राप्त की थी।
न्यायालय का फैसला और सजा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र पांडेय ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376(2)(जे)(एन) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए धमतरी स्थित अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) ने आरोपी कोमल लहरे (21 वर्ष), निवासी मोहदा, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग को दोषी माना और उसे पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की कठोर सजा सुनाई।
बेहतर विवेचना के लिए पुलिस टीम को सम्मान
इस पूरे मामले की बारीकी से जांच और अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए पुलिस विभाग की सराहना की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू को उनकी उत्कृष्ट कार्यक्षमता के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है। इस फैसले से क्षेत्र में न्याय के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
- आरोपी का नाम: कोमल लहरे (21 वर्ष)
- सजा: 20 वर्ष सश्रम कारावास
- जुर्माना: 3,000 रुपये
- प्रमुख धाराएं: पॉक्सो एक्ट की धारा 6 व अन्य
