Municipal: नगर निगम मुख्यालय के सामने 14 दुकानें सील, लाइसेंस फीस न भरने पर कार्रवाई

रायपुर नगर निगम ने अपने मुख्यालय के सामने स्थित उद्यान परिसर में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने लंबे समय से लाइसेंस फीस का भुगतान न करने वाली 14 दुकानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और नगर निगम के आला अधिकारियों के…

नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: बकाया लाइसेंस फीस न चुकाने पर 14 दुकानें सील

रायपुर नगर निगम ने अपने मुख्यालय के सामने स्थित उद्यान परिसर में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर निगम के उद्यान विभाग ने लंबे समय से लाइसेंस फीस का भुगतान न करने वाली 14 दुकानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और नगर निगम के आला अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है।

प्रशासन के सख्त आदेशों के बाद एक्शन मोड में निगम

यह पूरी कार्रवाई रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के विशेष आदेशों के तहत की गई है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उद्यान विभाग की टीम को बकाया वसूली के लिए निर्देशित किया था। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए नगर निवेश उड़नदस्ता टीम और स्थानीय पुलिस बल का भी पूरा सहयोग लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

नगर निगम के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, निगम मुख्यालय के सामने स्थित उद्यान परिसर में संचालन के लिए गणपति इंफ्रा को 14 दुकानों का लाइसेंस 5 वर्षों के लिए आवंटित किया गया था। इस लाइसेंस की अवधि अगस्त 2026 में समाप्त होने वाली है। हालांकि, संबंधित एजेंसी ने लंबे समय से नियमानुसार लाइसेंस फीस जमा नहीं की थी। बार-बार नोटिस देने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान न होने पर निगम ने ‘टीम प्रहरी’ अभियान के तहत यह दंडात्मक कदम उठाया है।

  • कार्रवाई का नेतृत्व: उपायुक्त उद्यान जागृति साहू के मार्गदर्शन में टीम ने कार्रवाई की।
  • मौजूदगी: उप अभियंता उद्यान रुचिका मिश्रा की देखरेख में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
  • भविष्य की चेतावनी: निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर की सरकारी संपत्तियों के माध्यम से राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, सील की गई दुकानों के मालिकों को जल्द से जल्द बकाया राशि जमा करने के लिए कहा गया है।


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