रायपुर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1.72 लाख की अवैध शराब जब्त
रायपुर-आरंग मार्ग पर आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध शराब की 30 पेटियां बरामद की हैं। तस्करों ने इस भारी मात्रा में शराब को एक तालाब के किनारे गड्ढे खोदकर छिपाया था। विभागीय टीम को देखते ही तस्कर अपने वाहन सहित अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे। जब्त की गई शराब की कुल कीमत लगभग 1 लाख 72 हजार 800 रुपये आंकी गई है। फिलहाल, विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर 5 दिन तक चला ऑपरेशन
आबकारी विभाग को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी और उसे खपाने की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पिछले 5 दिनों से लगातार गश्त और निगरानी अभियान चलाया। 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात, विभाग को सटीक जानकारी मिली कि ग्राम गोढ़ी के पास तालाब किनारे अवैध खेप छिपाई गई है। सूचना मिलते ही आबकारी टीम ने नाकेबंदी कर मौके पर दबिश दी, जिससे तस्करों में हड़कंप मच गया।
जब्त शराब का विवरण और कानूनी कार्रवाई
मौके पर की गई तलाशी के दौरान टीम को गड्ढे में छिपाकर रखी गई रॉयल गोवा व्हिस्की की 30 पेटियां मिलीं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस खेप की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- कुल 1,440 प्लास्टिक पाव (प्रत्येक 180 मिलीलीटर) बरामद किए गए।
- कुल मात्रा 259.20 बल्क लीटर शराब है।
- यह शराब विशेष रूप से केवल गोवा राज्य में बिक्री के लिए अधिकृत थी।
- आरोपियों पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 और 59(क) के तहत केस दर्ज किया गया है।
अवैध शराब के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
यह पूरी कार्रवाई आबकारी सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, कलेक्टर गौरव सिंह और प्रभारी उपायुक्त डॉ. प्रवीण वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। विभाग का कहना है कि रायपुर जिले में बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब की तस्करी पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
आबकारी विभाग ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी को भी अपने आसपास अवैध शराब के भंडारण या बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत आबकारी नियंत्रण कक्ष रायपुर के अधिकृत नंबर 0771-2428201 पर सूचित कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।










