प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन पर सियासी घमासान: भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट हुए विरोध प्रदर्शन के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आचरण को अशोभनीय और पद की गरिमा के विपरीत करार दिया है। इस घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जहाँ एक ओर भाजपा इसे अराजकता बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
‘लोकतंत्र में असहमति और अराजकता के बीच महीन रेखा’: भाजपा
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि भारतीय लोकतंत्र में असहमति जताने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसे अराजकता में बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पद संवैधानिक है और देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उनके आवास के पास इस तरह का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने जैसा है। नवीन ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के राजनीतिक इतिहास का एक ‘काला दिन’ बताया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार
NEET विवाद और छात्रों के प्रदर्शन पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिकरण करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रधान ने कहा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करके किया गया प्रदर्शन किसी भी सूरत में उचित नहीं है।
प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
हिरासत से रिहा होने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के साथ हुए व्यवहार को अन्यायपूर्ण बताते हुए एक बार फिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रियंका ने कहा कि देश के भविष्य यानी छात्रों की आवाज को दबाना लोकतंत्र के लिए घातक है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई, जो बेहद निंदनीय है। अखिलेश ने कहा कि विपक्ष इस मामले को संसद के भीतर मजबूती से उठाएगा और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाए रखेगा।
- NEET विवाद: प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी नेताओं की मुख्य मांगें बनीं चर्चा का विषय।
- लोकतांत्रिक मर्यादा: भाजपा ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के तरीके को सुरक्षा और गरिमा के खिलाफ बताया।
- संसदीय संघर्ष: विपक्षी दलों ने मुद्दे को संसद में उठाने का दिया संकेत।








